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चुनाव से पहले क्यों गूंजा जिन्ना का नाम? शामली में सीएम योगी ने दिया बड़ा बयान

शामली में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर निशाना साधते हुए जिन्ना का जिक्र किया। कानून व्यवस्था, रोजगार और कांवड़ यात्रा को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

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उत्तर प्रदेश के शामली में आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। करीब 581 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज भी ऐसे नेताओं और विचारों का समर्थन करते हैं, जिन्होंने देश को बांटने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने मोहम्मद अली जिन्ना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा के कुछ नेता उनके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास करते हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और कानून व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

कानून व्यवस्था पर सरकार का बड़ा दावा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि एक समय शामली और आसपास के इलाकों की पहचान अपराध और दहशत के कारण होती थी। लोगों में डर का माहौल था और कई परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार आने के बाद अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। उन्होंने एक पुराने चर्चित हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। योगी ने कहा कि आज अपराधियों को यह संदेश मिल चुका है कि कानून तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उनके अनुसार, प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने से आम लोगों का भरोसा भी बढ़ा है।

नौकरियों और युवाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने रोजगार और सरकारी भर्तियों के मुद्दे पर भी विपक्षी दलों को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता की कमी थी और कुछ लोगों का दबदबा देखने को मिलता था। योगी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया है, जिससे प्रदेश के हर जिले के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब नौकरी पाने के लिए किसी सिफारिश या राजनीतिक पहचान की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान कई योग्य युवाओं को अवसर नहीं मिल पाते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और प्रदेश के विकास में भागीदार बनने की अपील की।

कांवड़ यात्रा और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी बोले सीएम

अपने भाषण के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा और धार्मिक आयोजनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए लगातार काम कर रही है। योगी ने दावा किया कि पहले कई धार्मिक आयोजनों में बाधाएं आती थीं, लेकिन अब सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की और कहा कि समाज को ऐसे लोगों से दूरी बनानी चाहिए जो धार्मिक आयोजनों के दौरान माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को समान महत्व दिया जा रहा है। उनके इस पूरे संबोधन में विकास, कानून व्यवस्था और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप प्रमुख मुद्दे रहे, जिनकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।

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