केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के पक्षधर सोनम वांगचुक को लेकर बड़ा बयान दिया है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि देश में सोनम वांगचुक का सम्मान किया जाता है और उनके विचारों को लोग गंभीरता से सुनते हैं। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल उनके नाम और छवि का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। चिराग ने कहा कि ऐसे दल, जिनकी राजनीतिक पकड़ लगातार कमजोर हो रही है, वे सोनम वांगचुक को आगे रखकर अपनी मौजूदगी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक किसी सम्मानित व्यक्ति को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना सही नहीं माना जा सकता।
प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर दी अपनी राय
चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मुद्दे पर लोगों को शिकायत है तो शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता की बात सुनने के लिए तैयार रहती है और सही सुझावों पर विचार भी किया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। उनके अनुसार यदि किसी व्यवस्था में कमी या चूक पाई जाती है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन का उद्देश्य समाधान होना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ हासिल करना।
नीट परीक्षा और पारदर्शिता पर भी बोले चिराग
मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने शिक्षा व्यवस्था और नीट परीक्षा को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने माना कि पहले कुछ परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। चिराग ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और भरोसेमंद बनाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छात्र और अभिभावक तभी संतुष्ट होंगे जब परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता दिखाई देगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सुधार के लिए सुझावों का स्वागत होना चाहिए और सरकार उन पर गंभीरता से विचार कर सकती है।
बांकीपुर उपचुनाव और विपक्ष पर भी साधा निशाना
सोनम वांगचुक के मुद्दे के अलावा चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति और बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उपचुनाव जैसे महत्वपूर्ण मौके पर विपक्ष की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है। चिराग ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब विपक्ष के प्रमुख नेता ही मैदान में नजर नहीं आ रहे हैं तो जनता के मुद्दों को कौन उठाएगा। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विपक्ष को जनता के बीच जाकर अपनी मौजूदगी दर्ज करानी चाहिए। चिराग का कहना था कि लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी सरकार की। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
Read More-पारंपरिक रास्तों को बंद करने वालों के लिए बड़ा झटका, हाईकोर्ट के इस फैसले ने बदल दिए नियम
