उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम लगातार खतरनाक बना हुआ है। गुरुवार रात आए तेज आंधी-तूफान, भारी बारिश और कई जिलों में ओलावृष्टि ने आम लोगों की परेशानियां बढ़ा दीं। कई जगह पेड़ गिरने, बिजली के खंभे टूटने और मकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में खेतों में खड़ी फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। कई जिलों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्यों को तेज किया गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम बने रहने की संभावना जताई है, जिसके बाद लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
CM योगी ने लिया हालात का संज्ञान
प्रदेश में हुई इस भारी तबाही के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के अंदर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और संबंधित विभागों के अधिकारी फील्ड में उतरकर वास्तविक नुकसान का आंकलन करें। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जिन परिवारों के पशुओं की मौत हुई है या चारे की समस्या है, वहां तुरंत व्यवस्था की जाए। प्रशासन को गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द मदद मिल सके।
किसानों और ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर
इस आंधी-तूफान का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिला है। तेज हवाओं और बारिश के कारण गेहूं, सब्जियों और आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में आम के बागों में भारी नुकसान की खबर है, जिससे बागवानों को आर्थिक झटका लगा है। खेतों में पानी भर जाने के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। वहीं, कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई गांवों में बिजली सप्लाई घंटों तक ठप रही, जिससे गर्मी और उमस के बीच लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कुछ इलाकों में सड़कें बंद होने और पेड़ गिरने की वजह से यातायात भी प्रभावित हुआ। राहत टीमों को कई जगहों पर रास्ता साफ करने में घंटों मेहनत करनी पड़ी। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमों और बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने जारी किया नया अलर्ट
मौसम विभाग ने 29 और 30 मई को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से किसानों, खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और बच्चों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों से दूर रहें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ रूप जारी रह सकता है। ऐसे में सरकार और प्रशासन दोनों ही राहत और बचाव कार्यों को लेकर पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रहे हैं। प्रदेशभर में कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
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