महाराष्ट्र में इस बार गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर विदर्भ क्षेत्र में हालात बेहद चिंताजनक होते जा रहे हैं। नागपुर में बीते 24 घंटों के दौरान तीन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके पीछे शुरुआती वजह भीषण लू और तेज गर्मी को माना जा रहा है। मंगलवार को शहर का तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने आम लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। पुलिस के अनुसार तीनों लोग अलग-अलग इलाकों में बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। लगातार बढ़ते तापमान ने अब लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है और दोपहर के समय सड़कें लगभग सूनी नजर आने लगी हैं।
तीन अलग-अलग इलाकों में मिले शव, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पहला मामला लकड़गंज इलाके का है, जहां करीब 40 वर्षीय एक व्यक्ति सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिला। दूसरा मामला गणेश पेठ क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां लगभग 55 साल की महिला बेहोश मिली थी। वहीं तीसरा व्यक्ति राणा प्रताप नगर इलाके में मिला, जिसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। तीनों को अलग-अलग समय पर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच में डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि अत्यधिक गर्मी और लू के कारण इनकी हालत बिगड़ी होगी। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
IMD की चेतावनी के बाद भी नहीं थम रही गर्मी
भारतीय मौसम विभाग यानी India Meteorological Department ने पहले ही महाराष्ट्र के कई हिस्सों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया था। विभाग के अनुसार विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी मध्य महाराष्ट्र के कई जिलों में तापमान लगातार 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार तेज धूप और गर्म हवाएं शरीर में पानी की कमी तेजी से बढ़ाती हैं, जिससे हीटस्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर मजदूर, रिक्शा चालक, बुजुर्ग और खुले में काम करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। शहर के अस्पतालों में भी डिहाइड्रेशन, चक्कर और उल्टी जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील- लापरवाही भारी पड़ सकती है
भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी बिल्कुल नहीं होने देनी चाहिए और दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना जरूरी है। इसके अलावा हल्के और सूती कपड़े पहनने, सिर को ढककर बाहर निकलने और ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है क्योंकि तेज गर्मी उनकी सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है। प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। नागपुर समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में बढ़ती गर्मी अब सिर्फ असुविधा नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। अगर आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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