मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा सोमवार को गुरुग्राम कोर्ट पहुंचे तो वहां एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद जब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया, उसी दौरान बाहर मौजूद परिवार के लोग उनसे मिलने पहुंचे। जैसे ही उनकी बेटी सामने आई, मंत्री संजीव अरोड़ा खुद को संभाल नहीं पाए और बेटी को गले लगाकर रो पड़े। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परिवार पर इस कार्रवाई का कितना गहरा असर पड़ा है। कोर्ट के बाहर मौजूद लोगों ने भी इस पल को बेहद भावुक बताया। दूसरी तरफ ईडी की टीम सुरक्षा घेरे के बीच मंत्री को कोर्ट से बाहर लेकर निकली। इस दौरान मीडिया और समर्थकों की भारी भीड़ भी वहां मौजूद रही।
ED रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेशी, अब न्यायिक हिरासत
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले 7 दिन की रिमांड पर भेजा गया था। इसके बाद दोबारा कोर्ट में पेशी हुई, जहां एजेंसी को 2 दिन की अतिरिक्त रिमांड मिली। अब कुल 9 दिन की पूछताछ के बाद गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत सामने आए हैं। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में कई कारोबारी लेनदेन और संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। कोर्ट में पेशी के दौरान एजेंसी ने दावा किया कि मामले में अभी और कई पहलुओं की जांच बाकी है। हालांकि बचाव पक्ष ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि मंत्री जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। इस बीच पंजाब की राजनीति में भी इस गिरफ्तारी को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।
13 जगहों पर एक साथ छापेमारी, कंपनियों और कारोबारियों की जांच
ईडी के अनुसार, 17 अप्रैल की सुबह पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ समेत कई इलाकों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। जांच एजेंसी ने गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर सहित करीब 13 लोकेशन पर रेड की थी। इस कार्रवाई में मंत्री संजीव अरोड़ा के अलावा उनके करीबी कारोबारी सहयोगियों के ठिकानों को भी खंगाला गया। इनमें लुधियाना के कारोबारी हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल का नाम भी शामिल है। ईडी का कहना है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फाइनेंशियल रिकॉर्ड और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए। एजेंसी अब इन दस्तावेजों के जरिए कथित मनी ट्रेल और निवेश नेटवर्क की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ ऐसे लेनदेन भी सामने आए हैं जिनका संबंध विदेशों से हो सकता है। इसी वजह से एजेंसी अब विदेशी फंडिंग और हवाला एंगल की भी जांच में जुटी हुई है।
जमीन घोटाले से सट्टेबाजी तक, आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
ईडी की जांच में संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े कारोबारों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी का दावा है कि कुछ कंपनियों के जरिए अवैध तरीके से जमीन उपयोग में बदलाव कराया गया। इसके अलावा शेयर बाजार में कीमतें बढ़ाने के लिए फर्जी बुकिंग और कागजी कारोबार दिखाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। जांच एजेंसी इनसाइडर ट्रेडिंग, राउंड ट्रिपिंग और विदेशों से आए संदिग्ध निवेश की भी जांच कर रही है। मामले में कारोबारी चंद्रशेखर अग्रवाल का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, चंद्रशेखर अग्रवाल पहले क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़ा हुआ था और बाद में हवाला नेटवर्क तथा ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म चलाने लगा। उस पर हजारों लोगों से ठगी करने के आरोप भी लगे थे। बाद में उसने रियल एस्टेट कारोबार में एंट्री की। अब ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी नेटवर्क के जरिए अवैध पैसे को वैध बनाया गया। फिलहाल मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति और कारोबारी जगत दोनों में हलचल बढ़ा दी है।
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