समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। धर्मनगरी हरिद्वार के वीआईपी गंगा घाट पर परिवार के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम रस्में निभाईं। अस्थि विसर्जन के दौरान घाट पर बेहद भावुक माहौल देखने को मिला। परिवार के कई सदस्य गहरे दुख में नजर आए और पूरे समय वातावरण शांत और गंभीर बना रहा। घाट पर मौजूद लोगों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे और पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। हरिद्वार पहुंचने के बाद परिवार सीधे वीआईपी घाट पहुंचा, जहां तीर्थ पुरोहितों की देखरेख में धार्मिक प्रक्रिया शुरू हुई।
परिवार के साथ बाबा रामदेव भी पहुंचे श्रद्धांजलि देने
अस्थि विसर्जन के दौरान Aparna Yadav, उनकी बेटियां प्रथमा और पद्मजा, Aditya Yadav, अपर्णा यादव के पिता अरविंद बिष्ट और भाई अमन समेत कई करीबी रिश्तेदार मौजूद रहे। हालांकि पूरे कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव मीडिया से दूरी बनाए रहीं और उन्होंने किसी तरह की सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। इस दौरान योग गुरु Baba Ramdev भी हरिद्वार पहुंचे और उन्होंने दिवंगत प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। बाबा रामदेव ने कहा कि प्रतीक यादव का असमय निधन बेहद दुखद है और इससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव गौसेवा, धार्मिक कार्यों और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहते थे। बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि प्रतीक यादव शारीरिक रूप से काफी फिट थे और नियमित रूप से स्वास्थ्य तथा योग से जुड़े रहते थे। ऐसे में उनका अचानक दुनिया से चले जाना सभी को हैरान और दुखी करने वाला है। घाट पर मौजूद लोगों ने भी नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी हुई अंतिम धार्मिक रस्में
तीर्थ पुरोहित Shailesh Mohan ने पूरे वैदिक विधान और सनातन परंपराओं के अनुसार अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न कराई। मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच परिवार के सदस्यों ने मां गंगा में अस्थियां प्रवाहित कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पुरोहितों ने बताया कि सनातन धर्म में गंगा में अस्थि विसर्जन को बेहद पवित्र माना जाता है और यह आत्मा की शांति के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रिया होती है। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक और भावुक बना रहा। हरिद्वार के घाटों पर मौजूद लोगों की नजरें इस पूरे कार्यक्रम पर टिकी रहीं। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया कई धार्मिक चरणों के साथ पूरी हुई और परिवार ने श्रद्धा और सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
परिवार ने ईश्वर से मांगी आत्मा की शांति
इस दौरान बदायूं से सांसद Aditya Yadav ने कहा कि पूरा परिवार आज हरिद्वार पहुंचा और सभी ने मिलकर ईश्वर से यही प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव का निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है और इस दुख को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। परिवार के सदस्यों ने गंगा घाट पर कुछ समय शांत बैठकर प्रार्थना भी की। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। हरिद्वार में हुए इस अस्थि विसर्जन कार्यक्रम ने परिवार की भावनाओं और धार्मिक आस्था को भी सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण में शोक और श्रद्धा दोनों का भाव दिखाई दिया। परिवार ने निजी तौर पर इस कठिन समय में लोगों से मिली संवेदनाओं और समर्थन के लिए आभार भी जताया। प्रतीक यादव के निधन के बाद लगातार समाजवादी परिवार से जुड़े लोग और समर्थक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
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