देश की चर्चित महिला पहलवान Vinesh Phogat और पूर्व सांसद Brij Bhushan Sharan Singh के बीच चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार मामला गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित सीनियर ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर गरमा गया है। विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि उन्हें प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोका गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास 1 जनवरी 2026 से प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए आईटीए की लिखित अनुमति थी और उन्होंने 28 अप्रैल को प्रतियोगिता के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया था। इसके बावजूद जब वह प्रतियोगिता स्थल पहुंचीं तो उनका वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया गया और उन्हें ट्रेनिंग हॉल इस्तेमाल करने की अनुमति भी नहीं मिली। विनेश ने कहा कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं है, बल्कि सिर्फ निष्पक्ष तरीके से खेलने का मौका चाहिए। उनके इस बयान के बाद खेल जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर शेरो-शायरी से बढ़ी चर्चा
गोंडा विवाद के बीच सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की पोस्ट ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया। विनेश फोगाट ने एक भावुक शायरी साझा करते हुए लिखा, “जिंदगी फंसी है किसी मझधार में… जमाना ढूंढ़ता है खामी मेरे किरदार में…”। उनके समर्थकों ने इस पोस्ट को उनके संघर्ष और मानसिक दबाव से जोड़कर देखा। कई लोगों ने इसे उस स्थिति का इशारा माना जिसमें वह खुद को खेल व्यवस्था के खिलाफ अकेला महसूस कर रही हैं। विनेश की पोस्ट वायरल होने के कुछ घंटों बाद बृजभूषण शरण सिंह की ओर से भी एक शेर सोशल मीडिया पर साझा किया गया। उन्होंने लिखा, “शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है, जिस शाख पर बैठे हो, वह टूट भी सकती है।” हालांकि दोनों नेताओं या खिलाड़ियों ने सीधे तौर पर एक-दूसरे का नाम नहीं लिया, लेकिन पोस्ट के समय और पूरे घटनाक्रम को देखते हुए इसे एक-दूसरे पर तंज माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
WFI की एंट्री के बाद मामला और गरमाया
यह पूरा विवाद 10 से 12 मई तक आयोजित सीनियर ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता से जुड़ा हुआ है। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय कुश्ती संघ यानी Wrestling Federation of India की ओर से कराया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, विनेश फोगाट को लेकर WFI ने नोटिस भी जारी किया है। संघ की ओर से कहा गया है कि यदि समय पर जवाब नहीं मिला तो आगे की कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया जा सकता है। दूसरी तरफ विनेश का कहना है कि उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है और खेलने का अधिकार नहीं दिया जा रहा। इस बीच बृजभूषण शरण सिंह ने साफ कहा कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है और सभी फैसले WFI द्वारा लिए जा रहे हैं। बावजूद इसके, विवाद में उनका नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है क्योंकि पहले भी पहलवानों और बृजभूषण के बीच कई बड़े विवाद सामने आ चुके हैं।
खेल से ज्यादा सियासत और भावनाओं की लड़ाई बनता जा रहा मामला
गोंडा का यह विवाद अब सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें राजनीति, भावनाएं और सोशल मीडिया की लड़ाई भी साफ दिखाई दे रही है। एक तरफ विनेश फोगाट खुद को निष्पक्ष अवसर से वंचित बताए जाने की बात कर रही हैं, तो दूसरी तरफ WFI नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला दे रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवाद भारतीय कुश्ती की छवि पर असर डाल सकते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग दो हिस्सों में बंटे नजर आ रहे हैं। कुछ लोग विनेश के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग संघ के नियमों को सही बता रहे हैं। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि WFI और विनेश फोगाट के बीच यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है। आने वाले दिनों में संघ की कार्रवाई और विनेश के जवाब से यह तय होगा कि मामला शांत होगा या फिर एक नया बड़ा विवाद खड़ा होगा।
