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‘सोना खरीदने से पहले रुकिए!’ PM मोदी की अपील के बाद ज्वेलर्स का बड़ा ऐलान, बोले- देशहित में घाटा भी मंजूर

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देश में सोने की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच PM मोदी की एक अपील ने सर्राफा बाजार में नई बहस शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक जरूरत से ज्यादा सोना खरीदने से बचना चाहिए। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का काफी विदेशी मुद्रा भंडार खर्च होता है। ऐसे समय में जब डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और रुपया दबाव में है, तब गैर-जरूरी सोने की खरीद देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद अब ज्वेलरी कारोबारियों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है और दिलचस्प बात यह है कि कई व्यापारियों ने कारोबार में नुकसान की आशंका के बावजूद पीएम की बात का समर्थन किया है।

सर्राफा व्यापारियों ने कहा- देशहित सबसे पहले

मुंबई के सर्राफा कारोबारी कुमार जैन ने प्रधानमंत्री की अपील को सही बताते हुए कहा कि भारत में हर साल लगभग 800 से 900 टन सोना आयात किया जाता है। इस आयात के लिए डॉलर में भुगतान करना पड़ता है और मौजूदा समय में डॉलर की कीमत काफी ऊपर पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि इससे देश पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। कुमार जैन ने कहा कि वे खुद अपने ग्राहकों से अपील करेंगे कि शादी या जरूरी काम के लिए जितना आवश्यक हो, उतना ही सोना खरीदें। उन्होंने माना कि इससे कारोबार पर असर जरूर पड़ेगा, लेकिन देशहित को देखते हुए यह त्याग करना जरूरी है। जैन ने कहा कि अगर देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है तो इसका फायदा लंबे समय में हर व्यापारी और आम नागरिक को मिलेगा।

कारोबारियों को नुकसान की चिंता, फिर भी समर्थन जारी

मुंबई के ही एक अन्य ज्वेलरी व्यापारी ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल हालात को देखते हुए यह फैसला बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रुपया लगातार कमजोर हो रहा है और ऐसे समय में सोने का अधिक आयात आर्थिक संतुलन को और बिगाड़ सकता है। व्यापारी ने माना कि अगर लोग कम सोना खरीदेंगे तो सबसे बड़ा असर ज्वेलरी कारोबार और कारीगरों पर पड़ेगा। कई छोटे व्यापारी और सुनार पहले से ही महंगे सोने और घटती बिक्री की वजह से परेशान हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सबसे ऊपर है और अगर देश की अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कुछ समय तक नुकसान उठाना पड़े तो व्यापारी इसके लिए तैयार हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे ग्राहकों को भी जागरूक करेंगे कि इस समय जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी करें।

आम लोगों पर क्या होगा असर, बाजार में कैसी रहेगी स्थिति

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील का असर आने वाले दिनों में सर्राफा बाजार पर देखने को मिल सकता है। यदि बड़ी संख्या में लोग सोने की खरीद टालते हैं तो बाजार में मांग कम हो सकती है। हालांकि शादी-ब्याह और त्योहारों के कारण पूरी तरह से खरीदारी रुकने की संभावना नहीं है। जानकारों का कहना है कि फिलहाल लोग निवेश के तौर पर भी सोना खरीद रहे हैं, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता के बीच इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन सरकार और विशेषज्ञ दोनों यही सलाह दे रहे हैं कि इस समय सोच-समझकर खर्च करना जरूरी है। दूसरी ओर, कई अर्थशास्त्री मानते हैं कि अगर सोने का आयात कम होता है तो इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार बच सकता है और रुपये पर दबाव भी कुछ हद तक कम हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रधानमंत्री की अपील का आम जनता और बाजार पर कितना असर पड़ता है।

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