प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पीएम मोदी ने तेलंगाना में आयोजित एक जनसभा के दौरान लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने, विदेश यात्राओं में कटौती करने और खाने के तेल का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। इसके साथ ही उन्होंने कार पूलिंग अपनाने और ज्यादा से ज्यादा वर्क फ्रॉम होम करने पर भी जोर दिया। PM मोदी की इस अपील के बाद विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बयान को लेकर केंद्र सरकार से सीधे सवाल पूछ दिए हैं।
केजरीवाल बोले- देश को सच्चाई बताएं प्रधानमंत्री
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के लोगों को खर्चों में कटौती की सलाह देना सामान्य बात नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या देश किसी बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है? केजरीवाल ने कहा कि ऐसा माहौल पहले कभी देखने को नहीं मिला, जब प्रधानमंत्री खुद लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्राएं कम करने की अपील करें। उन्होंने कहा कि अगर देश की आर्थिक स्थिति गंभीर है तो सरकार को साफ-साफ जनता को बताना चाहिए। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर देश की असली आर्थिक हालत क्या है और सरकार जनता से क्या छिपाना चाहती है?
पीएम मोदी की अपील के बाद विपक्ष हमलावर
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरा और कहा कि जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को देशभक्ति के नाम पर पेट्रोल, डीजल और गैस का कम इस्तेमाल करने की सलाह दे रही है, जबकि सत्ता में बैठे लोग खुद बड़े स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि आम लोगों को बचत और कटौती का संदेश दिया जा रहा है, लेकिन सरकार के कार्यक्रमों और रैलियों में बड़े पैमाने पर खर्च जारी है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी चर्चा
प्रधानमंत्री की अपील को लेकर अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे विदेशी मुद्रा बचाने और आर्थिक अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि विपक्ष इसे देश की कमजोर आर्थिक स्थिति का संकेत बता रहा है। फिलहाल केंद्र सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत सफाई नहीं आई है, लेकिन विपक्ष लगातार यह जानना चाहता है कि आखिर ऐसी अपील की जरूरत क्यों पड़ी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर और ज्यादा गरमा सकता है।
Read more-90 मीटर ऊंचे सोमनाथ शिखर पर पहली बार महाकुंभाभिषेक, PM मोदी बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
