उत्तर प्रदेश में एक तस्वीर को लेकर राजनीति गरमा गई है। गोरखपुर में बने इको पार्क के उद्घाटन के दौरान सीएम योगी की एक फोटो सामने आई, जिसमें वह कबाड़ से बने शेर के साथ खड़े नजर आए। यह पार्क खास तौर पर पुराने और बेकार सामान से बनी कलाकृतियों के लिए बनाया गया है। लेकिन यह तस्वीर सोशल मीडिया पर आते ही चर्चा का विषय बन गई और धीरे-धीरे सियासी बयानबाजी में बदल गई।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस फोटो पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह “नकली शेर” है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर असली शेर देखना हो तो किसी और जगह जाना चाहिए। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर हलचल बढ़ा दी। कई लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी बता रहे हैं।
इटावा सफारी का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने बयान में इटावा लायन सफारी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां असली शेर देखे जा सकते हैं। उन्होंने यह भी इशारा किया कि उनके कार्यकाल में बने प्रोजेक्ट ज्यादा बेहतर और वास्तविक थे। इस बयान को राजनीतिक तुलना के तौर पर देखा जा रहा है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने काम को बेहतर साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
तस्वीर से बढ़ी सियासी बहस
इस पूरे मामले ने दिखा दिया कि आज के दौर में एक साधारण तस्वीर भी बड़ी राजनीतिक बहस का कारण बन सकती है। योगी आदित्यनाथ की इस फोटो पर आई प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया और राजनीति दोनों में हलचल पैदा कर दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला यहीं खत्म होता है या आगे और बयानबाजी देखने को मिलती है।
