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गुलाम नबी आजाद का पहलगाम हमले को लेकर बड़ा बयान, कहा- ‘जिन लोगों को हमने खोया…’

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर गुलाम नबी आजाद ने श्रद्धांजलि देते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और सेना ने बाद में बड़े ऑपरेशन चलाए थे।

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर पूरे देश में उस दर्दनाक घटना को याद किया गया, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे, जो छुट्टियां मनाने आए थे। इस घटना ने उस समय पूरे देश को हिला दिया था। हमले की बरसी पर लोगों ने सोशल मीडिया और अलग-अलग जगहों पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह घटना आज भी लोगों के दिलों में एक गहरा दर्द छोड़ जाती है।

गुलाम नबी आजाद ने दी श्रद्धांजलि, भावुक बयान आया सामने

पूर्व केंद्रीय मंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने भी इस मौके पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पहलगाम में हुए इस जघन्य हमले में मारे गए 25 निर्दोष पर्यटकों और एक स्थानीय निवासी को वे गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं मानवता पर एक गहरा धक्का हैं और किसी भी सभ्य समाज में इनकी कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनके बयान में दुख और भविष्य के लिए उम्मीद दोनों साफ झलक रही थी।

आतंकवाद पर कड़ा संदेश, कश्मीर की एकता पर दिया जोर

गुलाम नबी आजाद ने अपने बयान में यह भी कहा कि आतंकवाद ने सिर्फ लोगों की जान नहीं ली, बल्कि कश्मीर की शांति और उसकी आत्मा पर भी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले समाज को तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन कश्मीर के लोग शांति और एकता के साथ आगे बढ़ने का संकल्प रखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में आतंकवाद पूरी तरह खत्म होगा और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी। उनके अनुसार, इस तरह की घटनाओं से लड़ने के लिए समाज में एकजुटता सबसे जरूरी है।

सेना की कार्रवाई और आतंक के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया था। पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया, जिसमें कई ठिकानों को नष्ट किया गया। इसके बाद लंबे समय तक ‘ऑपरेशन महादेव’ चलाकर हमले में शामिल आतंकियों की तलाश की गई। जुलाई 2025 में इस ऑपरेशन के तहत तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया। इन कार्रवाइयों को आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति के रूप में देखा गया, जिससे यह संदेश गया कि ऐसे हमलों का जवाब सख्ती से दिया जाएगा।

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