उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के चुनावी माहौल के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान कर दिया। पार्टी ने मंगलवार (31 मार्च) को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में आगामी चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और बूथ स्तर पर तैयारियों का जायजा लिया जाएगा।
मायावती की इस बैठक को पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बीते कुछ महीनों में BSP ने संगठन को मजबूत करने और बहुजन एकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस बैठक में संभवतः पार्टी कार्यकर्ताओं को और अधिक सक्रिय होने और जनता के बीच जाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
पार्टी की चुनावी तैयारियों पर फोकस
पार्टी कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार बैठक में आर्थिक स्थिति, संगठन की जमीनी मजबूती और पार्टी के जनाधार को बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा आगामी बाबा साहब आंबेडकर जयंती की तैयारियों और कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सूत्रों का कहना है कि मायावती बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक की कमेटियों की स्थिति, टारगेट की प्रगति और संगठनात्मक कार्यों की रिपोर्ट लेंगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पार्टी चुनाव के समय हर जिले और बूथ पर पूरी तरह तैयार रहे और सर्व समाज में अपने जनाधार को मजबूत कर सके।
प्रदेश में बढ़ी राजनीतिक हलचल
उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने नोएडा में PDA रैली कर वेस्ट यूपी में चुनावी शंखनाद किया। वहीं 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के बहाने नोएडा में रैली को संबोधित किया।
बीते कुछ दिनों में प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी है। मायावती ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को अपनी सरकार में शुरू किए जाने की बात कही। इससे साफ संकेत मिलता है कि सभी पार्टियों ने अभी से विधानसभा चुनावों के लिए माहौल बनाने की रणनीति शुरू कर दी है।
मिशन 2027 के लिए BSP की रणनीति
मायावती की इस बैठक में मिशन 2027 के तहत पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में यह तय किया जा सकता है कि किस जिले और क्षेत्र में पार्टी को अधिक सक्रिय रहना चाहिए, बूथ स्तर पर संगठन को कैसे मजबूत किया जाए और किस तरह बहुजन एकता पर जोर दिया जाए।
इसके अलावा बैठक में आंबेडकर जयंती और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि BSP इस बैठक के जरिए खुद को चुनावी मैदान में मजबूत करने का प्रयास करेगी और आने वाले महीनों में अपनी चुनावी तैयारियों को और तेज़ करेगी।
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