उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएँ शुरू कर रही है। इन्हीं में से एक है मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, जिसमें युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन बिना ब्याज और बिना किसी गारंटी के दिया जा रहा है। योजना के तहत लाभार्थियों को 10 प्रतिशत तक अनुदान भी मिलता है। इसके अलावा सामान्य वर्ग के लिए 15%, पिछड़ा वर्ग के लिए 12.5% और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 10% मार्जिन मनी निर्धारित की गई है। यह युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, ताकि वे खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकें और रोजगार सृजन में योगदान दे सकें।
जिला स्तर पर आयोजित हुई महत्वपूर्ण कार्यशाला
योजना को तेजी से लागू कराने और जिले के अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विकास भवन के हर्षवर्धन सभागार में एक महत्वपूर्ण विभागीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त एनआरएलएम राज कुमार लोधी, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह और अग्रणी जिला प्रबंधक अमरेन्द्र कुमार ने संयुक्त रूप से की। बैठक में योजना की प्रगति, आवेदन प्रक्रिया और लाभार्थियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारीयों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुँचाया जाए और उन्हें उद्यमिता की दिशा में प्रेरित किया जाए।
लखपति दीदी कार्यक्रम को भी जोड़ा गया योजना से
कार्यशाला में ‘लखपति दीदी कार्यक्रम’ को भी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोड़ने पर सहमति बनी। डीसी एनआरएलएम राज कुमार लोधी ने निर्देश दिए कि सभी बीएमएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) हर माह कम से कम 5 लखपति दीदी को योजना से आच्छादित करें। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें छोटे–मध्यम व्यवसायों की ओर प्रोत्साहित करना है। अधिकारियों ने जोर दिया कि यह योजना केवल युवाओं को ही नहीं बल्कि महिलाओं और स्वरोजगार शुरू करने की इच्छुक लोगों के लिए भी एक बड़ा अवसर है। इन कार्यक्रमों के जरिए राज्य सरकार उद्यमिता का मजबूत आधार खड़ा करना चाहती है।
18 से 40 वर्ष के युवाओं के लिए सुनहरा मौका
सरकार ने योजना के पात्रता नियम भी सरल रखे हैं। 18 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को इस योजना का लाभ मिल सकता है। इसके लिए लाभार्थी का कक्षा 8 पास होना अनिवार्य है। साथ ही जिस ट्रेड में व्यवसाय शुरू करना है, उससे संबंधित प्रशिक्षण होना चाहिए और कम से कम 5 दिन का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। अधिकारीयों ने कहा कि “हर कदम उद्यमिता की ओर, हर युवा आत्मनिर्भरता की ओर” के लक्ष्य के साथ यह अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र युवक–युवती इस अवसर से वंचित न रहे।
इस योजना से न केवल व्यक्तिगत स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।
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