कर्नाटक के CM सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मंगलवार सुबह शिवकुमार के सदाशिवनगर स्थित आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए मिले। कांग्रेस की यह मुलाकात दोनों नेताओं की एकजुटता दिखाने के प्रयास के रूप में देखी गई। बैठक के दौरान पारंपरिक मैसूर शैली में तैयार की गई नाटी कोली (देसी मुर्गा) डिश परोसी गई, जिसे सिद्धारमैया ने चखते हुए मीडिया से भी बातचीत की।
इसी दौरान खाने की पसंद को लेकर हुई एक छोटी-सी चर्चा का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि मुख्यमंत्री का लहजा सहज और हल्का-फुल्का था, लेकिन उनका एक वाक्य चर्चा का केंद्र बन गया।
रिपोर्टर ने कहा—‘प्योर वेजिटेरियन’
मेन्यू पर बातचीत करते हुए CM ने एक महिला रिपोर्टर से पूछा कि क्या उन्हें चिकन पसंद है। रिपोर्टर ने जवाब दिया कि वह “प्योर वेजिटेरियन” हैं। इस पर सिद्धारमैया ने तुरंत सवाल किया,“प्योर मतलब अंडा भी नहीं?” जब रिपोर्टर ने कहा कि वे अंडा भी नहीं खातीं, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए टिप्पणी की,“फिर तो आपकी जिंदगी में बहुत कुछ मिसिंग है।”
यह बयान सुनकर आसपास मौजूद लोग हंसते दिखाई दिए, लेकिन वीडियो क्लिप ऑनलाइन पहुंचते ही इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे सामान्य मजाक कहा, वहीं कई उपयोगकर्ताओं ने इसे “अनावश्यक और अनुचित टिप्पणी” बताया।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। एक पक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री अक्सर मजाकिया अंदाज में बात करते हैं और यह बातचीत भी उसी माहौल में हुई। इन समर्थकों ने कहा कि “किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी का मकसद नहीं था।”
वहीं दूसरे पक्ष ने सवाल उठाया कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को खानपान जैसी निजी पसंद पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कुछ यूजर्स ने लिखा कि शाकाहारी या मांसाहारी होना व्यक्ति की निजी पसंद है और उसे “मिसिंग” बताना सही नहीं है। बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।
कांग्रेस की एकजुटता दिखाने वाली मीटिंग में मेन्यू रहा आकर्षण
इस मुलाकात का मूल उद्देश्य सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच हाल के दिनों में बनी राजनीतिक दूरियों की चर्चा को खत्म करना था। पार्टी ने इस मीटिंग को सकारात्मक माहौल में आयोजित किया था। मेन्यू में नाटी कोली के अलावा मैसूर इडली, चटनी और CM की पसंद के कई स्थानीय व्यंजन शामिल थे।
हालांकि पार्टी जिस एकजुटता का संदेश देना चाहती थी, उससे ज्यादा चर्चा एक हल्की-फुल्की बातचीत को लेकर हो रही है। फिलहाल इस बयान पर मुख्यमंत्री कार्यालय या कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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