छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में BJP के भीतर एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। बाकिमोंगरा क्षेत्र से जुड़े कटाईनार वार्ड क्रमांक 14 में पार्टी की ही दो महिला नेताओं के बीच गंभीर आरोप-प्रत्यारोप का मामला चर्चा में है। भाजपा नेत्री डिंकी कौर ने अपनी ही BJP पार्टी की पार्षद रम्भा कंवर पर बोरिंग (नलकूप) के काम के बदले अनुचित मांगें करने का आरोप लगाया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब डिंकी कौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने खुलकर आरोप लगाए हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और लोग इस मामले की सच्चाई जानने को उत्सुक हैं। यह विवाद अब सिर्फ स्थानीय नहीं रहा, बल्कि जिले की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।
वीडियो में लगाए गंभीर आरोप
डिंकी कौर ने आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या है और उन्होंने कई बार बोरिंग कराने के लिए आवेदन दिए, लेकिन काम को लेकर लगातार देरी की जाती रही। उनका दावा है कि BJP पार्षद रम्भा कंवर ने बोरिंग के काम के बदले शराब, मुर्गा और 20 हजार रुपये की मांग की। आरोपों के अनुसार, जब कथित मांगें पूरी नहीं की गईं तो संबंधित बोरिंग का काम रोक दिया गया। डिंकी कौर ने यह भी कहा कि जिस जगह पर वास्तव में पानी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, वहां काम नहीं कराया गया, बल्कि दूसरी जगह बोरिंग करवा दी गई। उन्होंने इसे जनता के अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए गंभीर अनियमितता करार दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर पार्टी के भीतर ही भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाए गए हैं।
आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
दूसरी तरफ BJP पार्षद रम्भा कंवर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सख्ती से खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि यह पूरी तरह से झूठा और उन्हें बदनाम करने का प्रयास है। उनके अनुसार, न तो किसी प्रकार की अवैध मांग की गई है और न ही किसी काम को रोका गया है। रम्भा कंवर का कहना है कि उनके खिलाफ यह आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकते हैं, जिससे उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जनता के हित में काम करती हैं और सभी विकास कार्य नियमों के तहत ही किए गए हैं। इस बयान के बाद मामला और अधिक उलझ गया है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर कायम हैं और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है।
जांच की मांग तेज
इस पूरे विवाद के सार्वजनिक होने के बाद BJP संगठन के भीतर भी बेचैनी बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर लोग अब इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और अधिक तेजी से फैलाया है, जिससे दबाव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल प्रशासन या पार्टी की ओर से किसी आधिकारिक जांच की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक माहौल को देखते हुए जल्द कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह भी चर्चा है कि अगर आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो पार्टी स्तर पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। अब पूरा मामला जांच पर टिका है और सभी की नजरें इस बात पर हैं कि आखिर सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है—क्या यह भ्रष्टाचार का मामला है या फिर राजनीतिक खींचतान का नतीजा।
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