दिल्ली से मेरठ के बीच दौड़ने वाली हाईटेक नमो भारत ट्रेन उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब इसके एक कोच से जुड़े चार आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। मामला 24 नवंबर की शाम करीब 4 बजे का बताया जा रहा है, जब ट्रेन दिल्ली से मेरठ की ओर जा रही थी। कोच संख्या 23 में एक युवक और युवती को बेहद आपत्तिजनक हालत में देखा गया। यह वीडियो 20 दिसंबर को सामने आए, जिसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। यात्रियों की सुरक्षा और निजता के दावे करने वाली इस आधुनिक ट्रेन में ऐसी घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि यह सिर्फ अश्लीलता का मामला नहीं, बल्कि यात्रियों की निजता से जुड़े गंभीर उल्लंघन का भी मामला है।
CCTV वीडियो वायरल कैसे हुआ, ऑपरेटर पर क्यों गिरी गाज
जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो ट्रेन के सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्ड किया गया था। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रेन ऑपरेट कर रहे ऋषभ नाम के कर्मचारी ने बिना अनुमति के सीसीटीवी फुटेज को रिकॉर्ड किया और उसे वायरल कर दिया। रैपिड रेल के सिक्योरिटी चीफ दुष्यंत कुमार की शिकायत पर 22 दिसंबर को थाना मुरादनगर में मुकदमा दर्ज कराया गया। तहरीर के अनुसार, ऑपरेटर की यह हरकत गंभीर सेवा नियमों का उल्लंघन थी। इसी कारण 3 दिसंबर को ही ऋषभ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा के लिए होता है, न कि उसे गलत तरीके से इस्तेमाल करने के लिए। इस एक कदम ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
युवक-युवती पर केस, कानून के शिकंजे में मामला
गाजियाबाद की एसीपी सदर लिपि ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात युवक और युवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 77 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो में दिख रहे दोनों युवाओं की पहचान की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं, जो मेरठ रोड पर स्थित है। युवती जहां BCA की छात्रा है, वहीं युवक उसी कॉलेज से बीटेक कर रहा है। पुलिस इस मामले को बेहद संवेदनशील मान रही है और हर पहलू से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हरकत न केवल सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध है।
यात्रियों की निजता और सिस्टम की साख पर बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ दो लोगों की निजी हरकत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे नमो भारत ट्रेन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। नमो भारत ट्रेन में कुल छह कोच होते हैं, जिनमें एक प्रीमियम और एक महिला कोच शामिल है। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज का गलत इस्तेमाल यात्रियों के भरोसे को कमजोर करता है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त नियम और निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल पुलिस युवक-युवती की पहचान और वीडियो के वायरल होने की पूरी चेन को खंगाल रही है। यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि एक छोटी सी लापरवाही कैसे पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर सकती है।
