उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के तीसरे उम्मीदवार पर चल रहा सस्पेंस अब लगभग खत्म हो गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर संकेत दिया कि पार्टी अब राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी। अखिलेश ने लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” उनके इस बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले पार्टी के नेताओं की ओर से तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब अखिलेश के बयान के बाद तस्वीर बदलती नजर आ रही है।
दो उम्मीदवार पहले ही मैदान में, तीसरे नाम पर था इंतजार
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए पहले ही वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। दोनों ने अपना नामांकन भी दाखिल किया है। इसके बाद पार्टी की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। सपा के कुछ नेताओं ने दावा किया था कि जरूरी संख्या जुटने पर तीसरा प्रत्याशी भी नामांकन दाखिल करेगा। सोमवार तक पार्टी की ओर से ऐसे संकेत दिए जा रहे थे कि 6 अक्टूबर को तीसरे उम्मीदवार का नाम सामने आ सकता है। हालांकि, मंगलवार को अखिलेश यादव की पोस्ट के बाद सपा के तीसरे प्रत्याशी को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।
अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 6, 2026
राज्यसभा की 10 सीटों पर अब मुकाबले की तस्वीर बदली
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को होना है। सपा की ओर से सिर्फ दो उम्मीदवार मैदान में रहने की स्थिति में भाजपा के आठ उम्मीदवारों के लिए भी रास्ता साफ हो जाता है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश से आठ नाम घोषित किए हैं। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। ऐसे में सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर आखिरी समय तक बनी रहने वाली संभावना अब खत्म होती दिख रही है। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर औपचारिक रूप से स्पष्ट होगी।
अखिलेश का फोकस अब 403 विधानसभा सीटों पर?
अखिलेश यादव के ‘403’ वाले बयान को सपा की आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है और विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। ऐसे में अखिलेश का यह संदेश पार्टी के लिए राज्यसभा की एक अतिरिक्त सीट की कोशिश के बजाय विधानसभा चुनाव की व्यापक तैयारी पर ध्यान देने का संकेत माना जा रहा है। सपा संगठन को मजबूत करने और प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। दूसरी ओर भाजपा ने भी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और उसके प्रत्याशी नामांकन प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं। अब अखिलेश के बयान के बाद राज्यसभा चुनाव से ज्यादा नजर इस बात पर है कि सपा 403 विधानसभा सीटों को लेकर अपनी अगली रणनीति किस तरह सामने रखती है।
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