उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) को बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने 5 अक्टूबर को यूपी से 8 नामों की घोषणा की, जिसमें मौजूदा मंत्री धर्मपाल सिंह भी शामिल हैं। वह आंवला विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं और योगी सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक प्रोफाइल में उन्हें लोधी-राजपूत पिछड़ा वर्ग से बताया गया है।
मायावती से लेकर कल्याण सिंह की सरकार तक संभाली जिम्मेदारी
धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) का विधानसभा और सरकार में काम करने का लंबा अनुभव रहा है। 1996 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें 1997 में मायावती सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद कल्याण सिंह सरकार में भी उन्होंने मंत्री के तौर पर काम किया। आगे चलकर उन्होंने विधानसभा की अलग-अलग समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई। 2002 में वह दूसरी बार विधायक बने और सरकार से जुड़े कामकाज में सक्रिय रहे। उनके राजनीतिक सफर में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव भी शामिल है।
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 हेतु निम्नलिखित नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। https://t.co/8TB5Bp8VGM
— BJP (@BJP4India) October 5, 2026
2012, 2017 और 2022 में भी जीत, योगी सरकार में मिला मंत्री पद
धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) ने 2012 में तीसरी बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद 2017 में चौथी बार विधायक बनने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री बनाए गए। उस समय उन्हें सिंचाई से जुड़े विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर जीत दर्ज की और पांचवीं बार विधायक बने। मौजूदा योगी सरकार में वह पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं। विधानसभा के रिकॉर्ड में भी उनके मौजूदा मंत्री पद और आंवला क्षेत्र का उल्लेख मिलता है।
अब विधानसभा से संसद के उच्च सदन तक पहुंचने की तैयारी
धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) का राजनीतिक सफर केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहा है। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षा और स्थानीय संस्थाओं से भी जुड़े रहे। बीजेपी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब उनके राजनीतिक सफर का अगला पड़ाव संसद का उच्च सदन हो सकता है। यूपी से घोषित आठ उम्मीदवारों में उनका नाम खास तौर पर इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री हैं और लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
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