मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच INDIA गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी सांसदों की राष्ट्रपति से मुलाकात और संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च की योजना के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट की गैरमौजूदगी की खबर सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे इस बात से नाराज बताए जा रहे हैं कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं को ज्यादा प्रमुखता मिली। हालांकि, गठबंधन में मतभेद की असल वजह और उसके असर को लेकर अभी संबंधित दलों की ओर से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।
उद्धव ठाकरे गुट के सांसद क्यों नहीं होंगे शामिल?
सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे के साथ संजय राउत और अरविंद सावंत भी प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने आदित्य ठाकरे से बातचीत कर उन्हें दिल्ली आने का आग्रह किया था। इसके बावजूद ठाकरे गुट के सांसदों के राष्ट्रपति से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की संभावना नहीं जताई गई। राजनीतिक चर्चाओं में इसे कांग्रेस की कार्यशैली और सहयोगी दलों को पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, नाराजगी की वजहों पर आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अखिलेश यादव दिल्ली से दूर, लेकिन सपा सांसद संभालेंगे मोर्चा
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के भी दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उनका बलिया में पहले से निर्धारित कार्यक्रम है। हालांकि, सपा के कई सांसद प्रदर्शन में हिस्सा ले सकते हैं और राजीव राय का नाम भी संभावित प्रतिनिधियों में बताया जा रहा है। इससे पहले भी गठबंधन की कुछ बैठकों और कार्यक्रमों में सपा नेताओं की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे थे। पार्टी की ओर से ऐसी अनुपस्थिति के लिए क्षेत्रीय कार्यक्रमों और अन्य व्यस्तताओं का हवाला दिया जाता रहा है। ऐसे में अखिलेश की गैरमौजूदगी को गठबंधन से दूरी का पक्का संकेत मानना सही नहीं होगा।
कांग्रेस का दावा—गठबंधन में तालमेल, राष्ट्रपति भवन तक मार्च की तैयारी
कांग्रेस सूत्रों ने INDIA गठबंधन में तालमेल की कमी की चर्चाओं को खारिज किया है। बताया गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने सहयोगी दलों के नेताओं से बातचीत की है। कांग्रेस की योजना के अनुसार, राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मिलने पर प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा। समय नहीं मिलने की स्थिति में भी संसद भवन से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च निकालने की तैयारी है। जहां पुलिस रोकेगी, वहां आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन में कौन-कौन से दल शामिल होते हैं और क्या गठबंधन के नेता मतभेदों को दूर कर एकजुटता दिखा पाते हैं।
