कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच में समाजवादी पार्टी के सांसद नजर नहीं आए तो सियासी गलियारों में इंडिया गठबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई। बुधवार को नई दिल्ली के एक रेस्तरां में हुए इस लंच के बाद ऐसी अटकलें लगने लगीं कि कांग्रेस और सपा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। इसी बीच कांग्रेस की ओर से सफाई सामने आई है और पूरे विवाद की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।
जयराम रमेश बोले- सभी दलों को भेजा गया था न्योता
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि लंच में इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों को आमंत्रित किया गया था। उनके मुताबिक, कार्यक्रम का फैसला काफी देर से यानी मंगलवार रात लिया गया था। इसकी जानकारी भी उसी समय दी गई। ऐसे में कुछ दलों का कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाना स्वाभाविक था। जयराम रमेश ने उन चर्चाओं को भी बेवजह बताया, जिनमें लंच में कुछ दलों की गैरमौजूदगी को गठबंधन में मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा था।
आज के लंच के लिए INDIA जनबंधन के सभी दलों को आमंत्रित किया गया था। लेकिन लंच का फैसला कल देर रात लिया गया और उसी समय इसकी जानकारी दी गई। इसलिए स्वाभाविक था कि कुछ दलों के प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो सके। कुछ मीडिया संस्थानों में इसे लेकर बेवजह टिप्पणी की जा रही है। INDIA और अन्य विपक्षी दल वोट चोरी, SIR और परिसीमन के खिलाफ एकजुट हैं और पूरी मजबूती से एक-दूसरे के साथ खड़े हैं।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) October 7, 2026
कांग्रेस ने कहा- विपक्षी दलों में एकजुटता बरकरार
जयराम रमेश ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन और विपक्ष की दूसरी पार्टियां कई अहम मुद्दों पर साथ खड़ी हैं। उन्होंने वोट चोरी के आरोप, एसआईआर और परिसीमन जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में विपक्षी दलों की एकजुटता कायम है। इससे पहले कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम ने भी कहा था कि लंच में किसे आमंत्रित किया गया था, इसकी जानकारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही बेहतर तरीके से दे सकता है, लेकिन विपक्ष के बीच एकता बनी हुई है।
सपा सूत्रों के दावे से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, लंच में सपा सांसदों के नजर नहीं आने के बाद सपा से जुड़े सूत्रों ने दावा किया था कि पार्टी को कार्यक्रम के लिए निमंत्रण नहीं मिला था। इसके बाद राजनीतिक चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया और इसे कांग्रेस-सपा के रिश्तों में खटास से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, अब जयराम रमेश की सफाई के बाद कांग्रेस का कहना है कि सभी सहयोगी दलों को बुलाया गया था और देर से कार्यक्रम तय होने के कारण कुछ पार्टियां इसमें शामिल नहीं हो सकीं। ऐसे में फिलहाल गठबंधन में फूट की अटकलों पर कांग्रेस ने विराम लगाने की कोशिश की है।
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