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रिजल्ट से पहले ही ममता बनर्जी ने क्यों मान ली खुद की हार? नंदीग्राम चुनाव पर कर दिया बड़ा दावा

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव के रिजल्ट से पहले ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया और EVM को लेकर सवाल उठाए हैं। 9 अक्टूबर को दोनों सीटों के नतीजे आएंगे।

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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे आने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नंदीग्राम में सही तरीके से चुनाव नहीं हुआ और ईवीएम को लेकर भी सवाल खड़े किए। ममता ने कहा कि चुनाव से पहले ही बीजेपी के नेताओं की ओर से जीत के अंतर को लेकर दावे किए जा रहे थे। उन्होंने इसे वोट की लूट से जोड़ते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव आयोग के मुताबिक दोनों सीटों पर मतदान के दौरान कई शिकायतें जरूर मिली थीं, जबकि बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। The Print

9 अक्टूबर को खुलेगा नंदीग्राम का चुनावी पिटारा

नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था और अब 9 अक्टूबर को मतगणना होनी है। दोनों सीटों पर मतदाताओं ने बड़ी संख्या में वोट डाले। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार शाम 5 बजे तक नंदीग्राम में 79.39 प्रतिशत और रेजीनगर में 78.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने गड़बड़ी और मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लगाए और दोबारा मतदान की मांग की। वहीं, बीजेपी की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया और मतदान को लेकर अपनी स्थिति का बचाव किया गया। The Economic Times

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नंदीग्राम में बीजेपी की ओर से हसीरानी रथ मैदान में

नंदीग्राम का मुकाबला इस वजह से भी अहम है क्योंकि यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफा देने के बाद खाली हुई। अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी जीत हासिल की थी और बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखते हुए नंदीग्राम छोड़ दिया। उपचुनाव में बीजेपी ने हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी गुट ने अपना उम्मीदवार मैदान से हटाकर कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन दिया। इस चुनाव में एक अन्य टीएमसी गुट ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। Loksatta

रेजीनगर में भी कांटे की टक्कर, किसके पक्ष में जाएगा फैसला?

रेजीनगर सीट भी इस उपचुनाव में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह सीट एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनके बेटे गुलाम नबी आजाद इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी ने सखराव सरकार को मैदान में उतारा है, जबकि टीएमसी की ओर से रबीउल आलम चौधरी उम्मीदवार हैं। चुनाव प्रचार के दौरान यहां भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विवाद देखने को मिले। अब दोनों सीटों पर 9 अक्टूबर की मतगणना से तस्वीर साफ होगी। फिलहाल नंदीग्राम में ममता बनर्जी के आरोपों और बीजेपी के जीत के दावों ने रिजल्ट से पहले सियासी हलचल बढ़ा दी है। The Indian Express

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