महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की दर्दनाक विमान हादसे में मौत के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। इस बीच उनके चाचा और वरिष्ठ नेता शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने इस मामले में चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। शरद पवार ने साफ शब्दों में कहा कि अजित पवार का निधन एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना है और इसके पीछे किसी भी तरह की साजिश नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस हादसे को राजनीति से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुखद है। शरद पवार ने भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार के जाने से महाराष्ट्र ने एक मेहनती और समर्पित नेता खो दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
‘इस दुख में राजनीति न करें’—शरद पवार की भावुक अपील
शरद पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि शोक व्यक्त करने का है। उन्होंने बताया कि कुछ “दुष्ट शक्तियां” समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही हैं कि इस दुर्घटना के पीछे कोई राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने ऐसे सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि तकनीकी और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह केवल एक हादसा है। शरद पवार ने कहा, “अजित की मौत से जो पीड़ा हमें हुई है, वही पीड़ा पूरे महाराष्ट्र को है। कृपया इस दुखद घटना को राजनीतिक रंग न दें।” उनकी यह अपील ऐसे समय आई है जब विपक्षी दलों के कई नेता हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
अजित पवार के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान में रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और आम लोग श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। गुरुवार, 29 जनवरी को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ-साथ कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। सरकार की ओर से सभी औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अजित पवार का राजनीतिक जीवन बेहद सक्रिय रहा और उन्होंने लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
हादसे की भयावहता: घड़ी से हुई पहचान, पांचों की मौत
जानकारी के मुताबिक मुंबई से बारामती जाते समय अजित पवार का चार्टर्ड विमान हादसे का शिकार हो गया। विमान में कुल पांच लोग सवार थे और हादसे में सभी की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया। बाद में अजित पवार की पहचान उनकी कलाई में पहनी घड़ी से की गई। इस भयावह हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। वहीं, विपक्ष की ओर से जांच की मांग जारी है, लेकिन शरद पवार का बयान साफ संकेत देता है कि परिवार इस मामले को दुर्घटना मानकर आगे बढ़ना चाहता है और किसी भी तरह के राजनीतिक विवाद से दूर रहना चाहता है।
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