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मौत के मुँह में समाने ही वाला था बेबस जीव, तभी ऋषिकेश की लहरों पर हुआ ‘चमत्कार’; देखें वीडियो

ऋषिकेश में गंगा की उफनती लहरों के बीच मौत से लड़ रहे एक बेबस बंदर की राफ्टिंग टीम ने बचाई जान। वायरल वीडियो में देखें कैसे 'इंसानियत' ने जीता सबका दिल।

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देवभूमि उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा की लहरों के बीच रोमांच और एडवेंचर के लिए हर साल लाखों पर्यटक पहुँचते हैं। लेकिन हाल ही में यहाँ एक ऐसी घटना घटी, जिसने रोमांच को पीछे छोड़ दिया और ‘इंसानियत’ की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर हर किसी की आँखें नम हो गई हैं। गंगा की तेज और बर्फीली धार में एक नन्हा बंदर फंस गया था और अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहा था। किनारे पर खड़े लोग केवल तमाशा देख रहे थे, लेकिन तभी राफ्टिंग कर रहे कुछ जांबाज सैलानियों और उनके गाइड की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। इस घटना का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो यह साबित करता है कि दया और करुणा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

गंगा की उफनती लहरों के बीच ‘जिंदगी’ की पुकार

यह वाकया ऋषिकेश में एक सामान्य राफ्टिंग ट्रिप के दौरान पेश आया। गंगा नदी अपनी पूरी रफ़्तार में बह रही थी और राफ्ट लहरों को चीरती हुई आगे बढ़ रही थी। अचानक राफ्टिंग गाइड की नजर पानी के बीचों-बीच हाथ-पांव मार रहे एक छोटे से बंदर पर पड़ी। वह बंदर पूरी तरह डरा हुआ था और तेज बहाव उसे किनारे तक पहुँचने का मौका नहीं दे रहा था। वह बार-बार पानी में डूब रहा था और मदद के लिए बेबस होकर हाथ हिला रहा था। राफ्टिंग टीम ने बिना एक पल की देरी किए अपने मनोरंजन को किनारे रखा और अपनी दिशा मोड़कर उस बेबस जीव की ओर बढ़ चले। लहरें इतनी तेज थीं कि एक छोटी सी चूक राफ्टिंग कर रहे लोगों की जान को भी जोखिम में डाल सकती थी, लेकिन उन्होंने इंसानियत को चुनना बेहतर समझा।

सांस रोक देने वाला रेस्क्यू: जब बंदर ने थाम लिया रस्सी का साथ

शुरुआत में टीम ने अपने चप्पू के जरिए बंदर को सहारा देने की कोशिश की, ताकि वह उसे पकड़ सके। लेकिन खौफ के मारे बंदर और पीछे की ओर तैरने लगा, जिससे खतरा और बढ़ गया। तब टीम ने सूझबूझ से काम लिया और एक रस्सी का फंदा तैयार किया। बहुत ही सावधानी के साथ उन्होंने रस्सी को बंदर के शरीर के नीचे फंसाया। सबसे भावुक पल वह था, जब उस बेजुबान जानवर को यह एहसास हुआ कि ये इंसान उसे नुकसान पहुँचाने नहीं बल्कि उसकी जान बचाने आए हैं। बंदर ने खुद आगे बढ़कर उस रस्सी को अपने नन्हे हाथों से मजबूती से थाम लिया। धीरे-धीरे टीम ने उसे खींचकर सुरक्षित किनारे की ओर लाना शुरू किया। यह दृश्य ऐसा था जिसे देख वहाँ मौजूद लोगों की सांसें थमी हुई थीं।

निखिल सैनी ने साझा किया ‘इंसानियत’ का वो अनमोल पल

जैसे ही राफ्ट किनारे लगी, टीम ने बंदर को रस्सी से आजाद किया। किनारे पहुँचने के बाद उस डरे हुए जीव को प्यार से सहलाया गया और जब वह सामान्य हुआ, तो उसे सुरक्षित पास के जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो निखिल सैनी (@iNikhilsaini) नामक यूजर ने प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर शेयर किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि यह शायद आज इंटरनेट पर सबसे भावुक कर देने वाला वीडियो है। वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में तारीफों की बाढ़ आ गई है। लोग उन पर्यटकों और गाइड की सराहना कर रहे हैं जिन्होंने एक बेजुबान की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि दुनिया में अभी भी संवेदनशीलता जिंदा है।

सोशल मीडिया पर वायरल

यह घटना केवल एक वीडियो मात्र नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश है। आज के समय में जहाँ लोग हादसों के दौरान मदद करने के बजाय वीडियो बनाना ज्यादा पसंद करते हैं, वहाँ इन राफ्टर्स ने सक्रिय रूप से मदद करके एक मिसाल कायम की है। इंटरनेट पर यूजर्स इस घटना की तुलना ‘मानवता की असली जीत’ से कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि गंगा मैया ने शायद इन लोगों को उस बंदर के लिए ‘फरिश्ता’ बनाकर भेजा था। रेस्क्यू के बाद बंदर का सुरक्षित जंगल की ओर दौड़ जाना, इस कहानी का सबसे सुखद अंत था। यह वीडियो उन सभी के लिए एक सबक है जो मानते हैं कि आधुनिकता की दौड़ में इंसान सिर्फ खुद के बारे में सोचता है।

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