राजनीतिक बयानबाजी के बीच एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से सांसद Kangana Ranaut द्वारा नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को ‘टपोरी’ कहे जाने के बाद सियासत गरमा गई है। इस बयान की कई दलों ने आलोचना की, और अब कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है कि क्या इस तरह की भाषा लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल है।
Alka Lamba का तीखा हमला
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष Alka Lamba ने कंगना रनौत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह पूर्व मंत्री Smriti Irani की तरह ही राजनीतिक रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं। लांबा ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह स्मृति ईरानी धीरे-धीरे राजनीति में कमजोर पड़ीं, वैसे ही कंगना रनौत का भविष्य भी हो सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंगना रनौत राजनीतिक मुद्दों से ज्यादा विवादित बयान देने पर ध्यान देती हैं, जिससे माहौल और बिगड़ता है।
गंभीर आरोपों पर चुप्पी को लेकर उठे सवाल
अलका लांबा (Alka Lamba) ने यह भी सवाल उठाया कि कई गंभीर मामलों पर कंगना रनौत की चुप्पी क्यों रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं पर लगे गंभीर आरोपों पर कंगना खुलकर प्रतिक्रिया नहीं देतीं। लांबा ने कहा कि अगर राजनीति में सक्रिय हैं तो हर मुद्दे पर समान रूप से बोलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब नेताओं के बयानों और उनके आचरण दोनों पर नजर रखती है, ऐसे में चयनात्मक प्रतिक्रिया सवाल खड़े करती है।
पीएम मोदी से अपील और बयान से बढ़ा सियासी तापमान
अपने बयान के दौरान अलका लांबा (Alka Lamba) ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से भी अपील की कि देश में नशा मुक्ति को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इस दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक आयोग बनाया जा सकता है। हालांकि, उनके इस बयान को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। कुल मिलाकर, इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
