कोलकाता में सोमवार को अचानक उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब भारतीय सेना ने आर्मी ग्राउंड में लगे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पंडाल को उखाड़ फेंका. यह पंडाल आगामी कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया था. जैसे ही खबर फैली, टीएमसी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सेना के कदम पर सवाल उठाना शुरू कर दिया.
ममता बनर्जी का अचानक पहुंचना बना बड़ी खबर
मामले ने राजनीतिक रंग तब ले लिया जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद आर्मी ग्राउंड पहुंच गईं. वहां उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की और घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर चोट बताया. ममता का कहना था कि बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह की कार्रवाई से जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है.
“We hold the Indian Army in the highest regard. What happened at Mayo Road is not the Army’s doing. BJP abused power to dismantle our Bhasha Andolan protest site despite prior permission being granted and security deposits being made,” says Trinamool Congress. pic.twitter.com/WgzJP6kt5E
— ANI (@ANI) September 1, 2025
सियासी गर्मी तेज, विपक्ष ने साधा निशाना
घटना के बाद बंगाल की सियासत और गरमा गई है. विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताया तो वहीं टीएमसी ने सेना की कार्रवाई को “जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश” करार दिया. अब इस टकराव के बाद आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और भी उथल-पुथल भरी हो सकती है.
Read more-खेसारी लाल की हरकतों पर भड़के लोग, बोले- ये फैन इंटरैक्शन नहीं, अश्लीलता है
