महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मुलाकात के बाद कई राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा कि क्या शरद पवार का गुट एनडीए के करीब जा रहा है। हालांकि, एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि इस मुलाकात को राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और सभी दलों के नेताओं के साथ उनके अच्छे संबंध हैं।
पार्टी के नेता बीजेपी का साथ नहीं देंगे- रोहित पवार
रोहित पवार ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद और विधायक बीजेपी या उसके सहयोगी दलों का समर्थन करेंगे, ऐसा उन्हें नहीं लगता। उन्होंने कहा कि जनता कई मुद्दों पर सवाल उठा रही है और लोग विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसे माहौल में पार्टी के जनप्रतिनिधि अपने विचारों और जनता के हितों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी एकजुट है और किसी तरह की टूट की संभावना नहीं है।
बीजेपी पर भी साधा निशाना
रोहित पवार ने अपने बयान में बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर लोगों के बीच चर्चा बढ़ रही है। उनके मुताबिक, जनता अब सिर्फ बड़े-बड़े वादों के बजाय जमीन पर होने वाले काम को देख रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज उठाता रहेगा और लोगों से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछता रहेगा। उनका मानना है कि लोकतंत्र में हर मुद्दे पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
सावरकर को भारत रत्न देने पर भी रखी राय
वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर रोहित पवार ने कहा कि अगर इस विषय पर कोई प्रस्ताव आता है तो उस पर पूरी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्ति के जीवन और विचारों के सभी पहलुओं को लोगों के सामने रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, चर्चा के बाद ही सही फैसला लिया जा सकता है। रोहित पवार के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयान सामने आ सकते हैं।
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