पश्चिम बंगाल की राजनीति इस समय बेहद संवेदनशील और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर शहर में शुक्रवार (10 जुलाई, 2026) को एक ऐसी सियासी हलचल देखने को मिली, जिसने राज्य की पूरी राजनीतिक दिशा को बदलने के संकेत दे दिए हैं। जिले के दौरे पर पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सीधे तौर पर एजेयूपी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री के इस तेवर ने साफ कर दिया है कि राज्य की कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण को लेकर सरकार अब किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है। बहरामपुर की इस जनसभा में उमड़ी भीड़ के सामने मुख्यमंत्री ने जो कड़े तेवर दिखाए, उससे विपक्षी खेमे में खलबली मच गई है।
‘मैं ममता बनर्जी जैसा कमजोर मुख्यमंत्री नहीं हूं…’
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा और अपनी प्रशासनिक ताकत का अहसास कराया। उन्होंने हुमायूं कबीर को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, “मैं ममता बनर्जी की तरह कमजोर मुख्यमंत्री नहीं हूं, जो चुपचाप बैठ जाऊंगा।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को जनता की सेवा के लिए चुना जाता है, न कि समाज में विद्वेष फैलाने के लिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता या जनप्रतिनिधि की गैर-जिम्मेदाराना, भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणियों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी रूप से बेहद सख्त कदम उठाने जा रही है ताकि राज्य की शांति भंग न हो सके।
रेजीनगर उपचुनाव और तुष्टिकरण की राजनीति का अंत
आगामी दो महीनों के भीतर होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार का पूरा रोडमैप जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा ध्यान अब मुर्शिदाबाद के विकास पर केंद्रित है, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया गया था। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अब बंगाल में हिंदू-मुसलमान की वह राजनीति नहीं चलेगी, जो दशकों से वोट बैंक के लिए की जाती रही है। शुभेंदु अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों में किसी भी व्यक्ति की धार्मिक पहचान आड़े नहीं आएगी। सरकार राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान रूप से काम कर रही है और हमारा एकमात्र लक्ष्य इस क्षेत्र का समग्र विकास तथा समाज के हर वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करना है।
बंगाल में जल्द लागू होगा UCC और नया सुरक्षा कानून
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी एक बहुत बड़ा एलान किया। उन्होंने बताया कि बंगाल कैबिनेट ने यूसीसी को धरातल पर उतारने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन कर दिया है, जिसने अपना काम भी शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि जल्द ही यूसीसी विधेयक को बंगाल विधानसभा के पटल पर मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्यपाल की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद आगामी सोमवार (13 जुलाई, 2026) से ‘पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज’ विधेयक पूरे राज्य में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा, जिससे अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सकेगी।
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