भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद नितिन नबीन ने अपने पहले संबोधन में पार्टी के इतिहास, विचारधारा और आने वाले समय की रणनीति को लेकर बड़ा संदेश दिया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों और उन लाखों कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए की, जिनके त्याग और संघर्ष से भाजपा देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी। नितिन नबीन ने कहा कि यह पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उस वैचारिक यात्रा का विस्तार है, जिसकी नींव जनसंघ के दौर में रखी गई थी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सत्ता की नहीं, बल्कि सेवा, संगठन और संस्कार की राजनीति करती आई है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
जनसंघ से भाजपा तक: विचारधारा की निरंतरता
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने जनसंघ काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पार्टी के पास न संसाधन थे और न ही व्यापक समर्थन, लेकिन विचारों की स्पष्टता थी। उन्होंने बताया कि “एक देश, एक विधान और एक निशान” जैसे संकल्प केवल नारे नहीं थे, बल्कि पार्टी के मूल सिद्धांत थे। नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने दशकों तक उपेक्षा और संघर्ष झेला, लेकिन अपने विचारों से समझौता नहीं किया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज जब पार्टी मजबूत स्थिति में है, तब भी वही वैचारिक प्रतिबद्धता सबसे जरूरी है, क्योंकि सत्ता अस्थायी होती है, लेकिन विचार स्थायी होते हैं।
राम मंदिर और कश्मीर: फैसलों से बदला देश का विमर्श
नितिन नबीन ने अपने पहले भाषण में अयोध्या राम मंदिर और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इन निर्णयों ने देश के राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कश्मीर के हालात पर सवाल उठाने वालों को चुप करा दिया जाता था और केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी उंगलियां उठती थीं। लेकिन धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में हालात बदले हैं, विकास की रफ्तार तेज हुई है और आम लोगों में विश्वास लौटा है। श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा लहराना केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता का संदेश है, जिसे देश और दुनिया ने देखा है।
आने वाले चुनाव और संगठन की असली परीक्षा
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में नितिन नबीन ने आगामी विधानसभा चुनावों पर फोकस करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में भाजपा के सामने अलग-अलग तरह की सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियां हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि जनसांख्यिकीय बदलाव और क्षेत्रीय राजनीति पार्टी के लिए आसान नहीं है, लेकिन भाजपा का संगठनात्मक ढांचा इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। नितिन नबीन ने भरोसा जताया कि कार्यकर्ता जमीन पर मेहनत करेंगे, जनता से संवाद बढ़ाएंगे और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली पूंजी उसका कार्यकर्ता है, और उसी के दम पर पार्टी भविष्य की हर चुनौती का सामना करेगी।
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