बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जहां उन्होंने प्रशासनिक कामकाज संभाल लिया, वहीं उनके परिवार की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। उनकी पत्नी ममता कुमारी ने इस मौके पर बिहार की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है और वे राज्य के लोगों को धन्यवाद देती हैं। साथ ही उन्होंने अपने पति को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे राज्य के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेंगे।
शपथ के बाद तुरंत काम पर जुटे CM
मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बिना समय गंवाए अपने काम की शुरुआत कर दी। शपथ लेने के कुछ ही देर बाद वे सचिवालय पहुंचे और औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव और उच्च अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को बेहतर सेवाएं देने पर जोर दिया। उनका यह सक्रिय रुख बताता है कि वे शुरुआत से ही कामकाज को तेज गति देना चाहते हैं।
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आम लोगों को सरकारी कामों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक मजबूत और प्रभावी सिस्टम बनाने की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने डिजिटल तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल पर भी जोर दिया, ताकि लोगों को सुविधाएं आसानी से मिल सकें। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता को सरल और पारदर्शी सेवाएं देना होना चाहिए। यह संकेत है कि उनकी सरकार प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दे सकती है।
सादगी भरी छवि वाली ममता कुमारी चर्चा में
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) की पत्नी ममता कुमारी भी चर्चा में आ गई हैं। पेशे से अधिवक्ता ममता कुमारी सक्रिय राजनीति से दूर रहती हैं, लेकिन सामाजिक मुद्दों और महिला सशक्तिकरण पर अपनी राय रखती रही हैं। उन्हें सादगी पसंद है और वे हमेशा लाइमलाइट से दूर रहना ही बेहतर समझती हैं। हालांकि, इस बार उनके छोटे से बयान ने लोगों का ध्यान खींच लिया है। आने वाले समय में ममता कुमारी की भूमिका सामाजिक क्षेत्र में और प्रभावशाली हो सकती है, भले ही वे सीधे राजनीति में सक्रिय न हों।
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