6 दिसंबर के मौके पर संप्रीति दिवस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की एकता और भाईचारे को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि जिन लोगों का उद्देश्य समाज में सांप्रदायिक नफरत फैलाना है, उनके खिलाफ उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हर भारतीय को सहिष्णुता और भाईचारे के मूल्यों को अपनाना चाहिए।
बाबरी मस्जिद शिलान्यास पर ममता का रुख
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूँ कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद शिलान्यास की पहल पर सीएम ममता ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों से देश में विभाजन की भावना पैदा होती है। ममता बनर्जी ने जोर देकर कहा कि धार्मिक स्थलों को लेकर कोई भी कदम सावधानी और समझदारी के साथ उठाया जाना चाहिए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द कायम रहे।
शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी
सीएम ममता ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य कर्तव्य है कि वह सभी नागरिकों की सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा या नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ममता बनर्जी ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखें और विवादास्पद बयानबाजी से बचें।
आम जनता को भी जिम्मेदारी निभानी होगी
सीएम ममता ने आम जनता से भी अपील की कि वे इस तरह के विवादों में शामिल न हों और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद करें। उन्होंने कहा कि सरकार की लड़ाई केवल कानूनी कदमों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच जागरूकता फैलाने और सांप्रदायिक नफरत को रोकने तक फैली हुई है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि इस लड़ाई में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और देश की एकता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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