केरल की राजनीति में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने वह कर दिखाया है, जो पिछले 45 सालों में कभी नहीं हुआ। बीजेपी के वीवी राजेश मेयर चुने गए हैं और इसके साथ ही शहर में लेफ्ट पार्टियों का लंबा शासन खत्म हो गया है। नगर निकाय चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने के बाद बीजेपी ने मेयर पद पर भी कब्जा जमाकर अपनी ताकत साबित कर दी। यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि केरल लंबे समय से लेफ्ट और कांग्रेस के प्रभाव वाला राज्य रहा है। विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले आई यह सफलता बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है और इसे पार्टी के बढ़ते जनाधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
वोटों का गणित और कैसे जीते वीवी राजेश
101 सीटों वाले तिरुवनंतपुरम नगर निगम में मेयर चुनाव के दौरान बीजेपी के वीवी राजेश को अपने 50 पार्षदों के साथ एक निर्दलीय पार्षद का भी समर्थन मिला। इस समर्थन ने जीत की तस्वीर साफ कर दी। मतदान में एलडीएफ उम्मीदवार आरपी शिवाजी को सिर्फ 29 वोट मिले, जबकि यूडीएफ प्रत्याशी को 17 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। नतीजों ने यह साफ कर दिया कि इस बार जनता और जनप्रतिनिधियों का रुझान बदलाव की ओर था। खास बात यह रही कि मेयर पद के लिए सेवानिवृत्त डीजीपी आर श्रीलेखा को भी मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता देते हुए वीवी राजेश पर भरोसा जताया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ।
45 साल का लेफ्ट शासन खत्म, सियासी मायने गहरे
तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर लेफ्ट पार्टियों का करीब 45 साल तक दबदबा रहा है। इस दौरान यहां सत्ता परिवर्तन की कल्पना तक मुश्किल मानी जाती थी। ऐसे में बीजेपी का मेयर बनाना सिर्फ एक नगर निगम जीत नहीं, बल्कि केरल की राजनीति में बड़ा संदेश है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा आने वाले विधानसभा चुनावों में भी असर डाल सकता है। बीजेपी इस जीत को केरल में अपनी वैचारिक और संगठनात्मक मजबूती के तौर पर पेश कर रही है। वहीं, लेफ्ट और कांग्रेस दोनों के लिए यह नतीजा आत्ममंथन का विषय बन गया है। यह साफ संकेत है कि शहरी मतदाता अब परंपरागत राजनीति से हटकर विकल्प तलाश रहा है।
मेयर बनते ही वीवी राजेश का बड़ा दावा, विकास पर फोकस
मेयर चुने जाने के बाद वीवी राजेश ने कहा कि यह जीत किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि पूरे तिरुवनंतपुरम की जीत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर निगम के सभी 101 वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए जाएंगे। राजेश ने कहा, “हम सबको साथ लेकर चलेंगे और तिरुवनंतपुरम को देश के विकसित और आधुनिक शहरों की कतार में खड़ा करेंगे।” उन्होंने साफ किया कि बुनियादी सुविधाओं, सफाई व्यवस्था, सड़क, जल आपूर्ति और डिजिटल सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि अगर नगर निगम में बेहतर काम होता है, तो इसका सीधा फायदा पार्टी को विधानसभा चुनाव में मिलेगा। फिलहाल यह जीत बीजेपी के लिए केरल में नई राजनीतिक शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
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