पटना में आज उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब CM नीतीश कुमार के काफिले में शामिल एक स्कॉर्पियो गाड़ी ने ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक डीएसपी को टक्कर मार दी। यह घटना दीदारगंज इलाके में बाजार समिति के पास बने ‘प्रकाश पुंज’ के नजदीक हुई, जहां मुख्यमंत्री सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के प्रकाश पर्व के मौके पर संगतों को दी जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे। सीएम के पहुंचते ही सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट थी, लेकिन इसी बीच यह अप्रत्याशित हादसा हो गया। अचानक हुई टक्कर से मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और कुछ पलों के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।
वॉच टावर निरीक्षण के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब वॉच टावर का निरीक्षण कर रहे थे, उसी दौरान ट्रैफिक डीएसपी काफिले की आवाजाही को नियंत्रित करने में जुटे हुए थे। तभी मुख्यमंत्री के कारकेड में शामिल स्कॉर्पियो अचानक आगे बढ़ी और डीएसपी को टक्कर लग गई। टक्कर इतनी नजदीक से हुई कि डीएसपी संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिरते-गिरते बचे। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें संभाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चश्मदीदों का कहना है कि अगर अधिकारी एक सेकंड भी देर से हटते तो गंभीर चोट लग सकती थी। घटना के बाद कुछ देर के लिए वहां मौजूद भीड़ में भी हलचल देखने को मिली।
पुलिस की सतर्कता से टला बड़ा हादसा, वीडियो ने बढ़ाई चर्चा
इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे स्कॉर्पियो आगे बढ़ती है और डीएसपी अचानक खुद को संभालते हुए पीछे हटते हैं। पुलिसकर्मियों की फुर्ती और सतर्कता के कारण अधिकारी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा। घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। बताया जा रहा है कि डीएसपी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, हालांकि एहतियात के तौर पर उनकी जांच कराई गई। इस घटना ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और काफिले की मूवमेंट को लेकर कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच की संभावना
सीएम नीतीश कुमार के दौरे के दौरान हुई इस घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल पर चर्चा तेज हो गई है। आमतौर पर मुख्यमंत्री के काफिले की हर गतिविधि बेहद योजनाबद्ध होती है, लेकिन इसके बावजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का इस तरह चपेट में आ जाना कई सवाल खड़े करता है। सूत्रों की मानें तो पूरे मामले की आंतरिक समीक्षा की जा सकती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है, लेकिन यह साफ है कि एक छोटी सी चूक भी कितनी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती थी। घटना के बाद से पटना की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस मामले को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
