जुलाई महीने की शुरुआत आम उपभोक्ताओं और व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं के लिए मिश्रित खबर लेकर आई है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 जुलाई 2026 से कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में 183.50 रुपये की कटौती की है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं को इस बार सीमित राहत ही मिल पाई है। इस फैसले के बाद बाजार में गैस की कीमतों को लेकर हलचल देखने को मिल रही है और लोग नई दरों को समझने में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का सीधा असर इस कटौती पर पड़ा है।
शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के नए रेट जारी
घरेलू LPG सिलेंडर के ताजा रेट अलग-अलग शहरों में लगभग स्थिर बने हुए हैं। दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर का दाम 942 रुपये, नोएडा में 939 रुपये, मुंबई में 941 रुपये और कोलकाता में 968 रुपये के आसपास दर्ज किया गया है। वहीं पटना और हैदराबाद जैसे शहरों में कीमतें 1000 रुपये के करीब बनी हुई हैं, जिससे वहां उपभोक्ताओं पर थोड़ा ज्यादा बोझ पड़ रहा है। चेन्नई में यह रेट 957.50 रुपये और लखनऊ में 979.50 रुपये के आसपास है। हालांकि रेट में बदलाव न होने के बावजूद उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का असर घरेलू गैस पर भी दिखाई देगा।
कमर्शियल सिलेंडर में भारी गिरावट
सबसे बड़ा बदलाव कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में देखा गया है, जहां दिल्ली और नोएडा में यह करीब 2930 रुपये के आसपास पहुंच गया है। मुंबई में इसका रेट 2883.50 रुपये और कोलकाता में 3071.50 रुपये तक दर्ज किया गया है। वहीं चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में यह कीमत 3000 रुपये से अधिक बनी हुई है। 183.50 रुपये की इस कटौती से होटल, ढाबा और छोटे व्यवसायों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी रही तो आने वाले समय में कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
LPG के नए नियम लागू
1 जुलाई से LPG सिलेंडर से जुड़े कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं, जिनका सीधा असर उपभोक्ताओं की सुविधा और प्रक्रिया पर पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार अब शहरी क्षेत्रों में केवल 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग की जा सकेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह सीमा 45 दिन तय की गई है। इसके अलावा गैस डिलीवरी के समय OTP आधारित सिस्टम को अनिवार्य किया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने e-KYC पूरी नहीं की है, उनका कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बदलाव सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए किए गए हैं, लेकिन शुरुआती समय में उपभोक्ताओं को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
