राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर दिया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही एक प्राइवेट बस अचानक एक ट्रेलर से टकरा गई, जिसके बाद वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। यह घटना कोलवा थाना क्षेत्र में स्थित रेस्ट एरिया के पास करीब 2:30 से 3 बजे के बीच हुई बताई जा रही है। हादसे के समय अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बस में लगी आग, चीख-पुकार में बदला सन्नाटा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टक्कर के बाद बस जैसे ही खाई में गिरी, उसके पिछले हिस्से में अचानक आग लग गई, जिससे हालात और भयावह हो गए। कुछ ही मिनटों में पूरी बस धुएं और आग की चपेट में आ गई। अंदर सो रहे यात्री घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे, लेकिन कई लोग बाहर निकलने में सफल नहीं हो सके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऊपरी बर्थ पर सो रहे यात्री झटके के कारण नीचे गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बचाने का समय भी नहीं मिला और यह हादसा एक भयावह त्रासदी में बदल गया।
8 यात्रियों की मौत, 22 घायल
पुलिस और राहत दल तुरंत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को बस से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में अब तक 8 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि 2 यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस, हादसे की वजहों पर उठे सवाल
पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रेलर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। साथ ही एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके। स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू और फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर सवाल उठाए हैं। कुछ ग्रामीणों का यह भी दावा है कि बस के स्टोरेज बॉक्स में रखे सामान के कारण आग तेजी से फैली, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी लगातार अस्पताल में घायलों के इलाज की निगरानी कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
