Original vs Fake Packaging: सोशल मीडिया पर अमूल मस्ती दही के दो पैकेट की तुलना करने वाला एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स ने दुकान से खरीदे गए दही और ऑनलाइन मंगाए गए दही की पैकेजिंग में कुछ बारीक अंतर दिखाए हैं। वीडियो सामने आने के बाद ऑनलाइन सामान मंगाने वाले लोगों के बीच नकली प्रोडक्ट को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, केवल पैकेजिंग में अंतर दिखने से किसी उत्पाद के नकली होने की पुष्टि नहीं होती और वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
दो पैकेट में दिखा पैकेजिंग का अंतर
वायरल वीडियो में शख्स ने 10 रुपये वाले अमूल मस्ती दही के दो पैकेट सामने रखकर उनकी तुलना की। उसके मुताबिक, दोनों पैकेट पर ब्रांड का लोगो देखने में लगभग एक जैसा है, लेकिन ध्यान से देखने पर कुछ अंतर नजर आता है। वीडियो में दावा किया गया कि एक पैकेट में ‘मस्ती’ शब्द के अक्षरों के बीच हल्की ग्रे लाइन दिखाई दे रही है, जबकि दूसरे पैकेट में यह लाइन नजर नहीं आती। इसके अलावा ‘DAHI’ लिखने की जगह और उसके रंग में भी मामूली अंतर बताया गया है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का कहना है कि ये बदलाव इतने छोटे हैं कि आम ग्राहक आसानी से इन्हें नजरअंदाज कर सकता है।
बारिश में ऑनलाइन मंगाया था दही
वीडियो बनाने वाले शख्स के अनुसार, उसके घर के पास अमूल की दुकान है और वह सामान्य तौर पर वहीं से दही खरीदता है। बारिश के दौरान बाहर जाने में परेशानी होने पर उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दही मंगाया। सामान मिलने के बाद जब उसने पैकेट को पहले खरीदे गए दही के पैकेट से मिलाया तो उसे पैकेजिंग में अंतर नजर आया। इसके बाद उसने दोनों पैकेट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। हालांकि, इस अंतर के आधार पर ऑनलाइन मिले दही को नकली बताना अभी प्रमाणित नहीं है। उत्पाद की असलियत जानने के लिए कंपनी या संबंधित अधिकारियों की जांच जरूरी होगी।
वीडियो में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में शख्स ने अमूल कंपनी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उसका दावा है कि अगर ऑनलाइन मिला पैकेट नकली निकलता है तो समस्या सप्लाई या डिलीवरी सिस्टम से जुड़ी हो सकती है। वीडियो में Blinkit जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सामान खरीदते समय ग्राहकों को ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, किसी खास प्लेटफॉर्म पर नकली अमूल उत्पाद बेचने का दावा फिलहाल स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है। इसलिए सिर्फ वायरल वीडियो के आधार पर किसी कंपनी या प्लेटफॉर्म के खिलाफ निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा।
ऑनलाइन खरीदारी में पैकेट जरूर करें चेक
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अपने ऑनलाइन ऑर्डर किए गए सामान की पैकेजिंग को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। ऐसे में ग्राहक डिलीवरी के समय पैकेट की सील, प्रिंटिंग, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देख सकते हैं। पैकेट संदिग्ध लगे तो उसका इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म और ब्रांड के कस्टमर केयर से शिकायत करना बेहतर है। फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई गई पैकेजिंग के अंतर को लेकर आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इसे नकली प्रोडक्ट का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता।
