Jaipur News: जयपुर के एक गांव में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के साथ हुए विवाद को लेकर अब ग्रामीणों की तरफ से अलग दावा सामने आया है। CJP की ओर से ग्रामीणों पर हमला करने और पहले से योजना बनाकर विरोध करने का आरोप लगाया गया था। वहीं, ग्रामीणों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उन्होंने CJP टीम को समझाकर वापस भेज दिया था, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में लोग दोबारा गांव पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ा और CJP की गाड़ियों के शीशे खुद उनकी टीम ने तोड़े। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को बताया गलत
ग्रामीणों का कहना है कि CJP की टीम जब गांव पहुंची तो स्थानीय लोगों ने पहले बातचीत के जरिए उन्हें वापस जाने के लिए कहा। एक ग्रामीण के मुताबिक, शुरुआत में मामला शांत था और गांव के लोग भी वहां से चले गए थे। उनका दावा है कि इसके बाद करीब 50-60 लोग दोबारा गांव पहुंचे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीम के कुछ लोगों के पास कथित तौर पर हथियार थे और विवाद के दौरान आपत्तिजनक बातें कही गईं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दोबारा टीम को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच या पुलिस रिपोर्ट का इंतजार है।
‘गाड़ियों के शीशे खुद तोड़े’, ग्रामीणों का दावा
ग्रामीण लाल चंद शर्मा ने CJP टीम के दावों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनकी टीम ने खुद ही गाड़ियों के शीशे तोड़े और लाठियां चलाईं। उनका कहना है कि ग्रामीणों को बाद में मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने CJP के पहले के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए भी गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, ये सभी बातें ग्रामीणों के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विवाद के दौरान वास्तव में किस पक्ष ने पहले हिंसा शुरू की, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीण बोले- स्कूल के नाम पर राजनीति करने आ रही CJP
विरोध की वजह पूछे जाने पर एक अन्य ग्रामीण ने कहा कि CJP की टीम का उद्देश्य सिर्फ सरकारी स्कूल की स्थिति सुधारना नहीं है। ग्रामीण का आरोप है कि संगठन गांव में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि स्कूल के लिए पहले ही सरकारी फंड जारी हो चुका है और जल्द ही काम जमीन पर शुरू हो जाएगा। इसी वजह से ग्रामीणों को CJP की टीम के स्कूल निरीक्षण पर भी आपत्ति है। हालांकि, CJP की ओर से स्कूल की स्थिति देखने के उद्देश्य को लेकर अलग पक्ष सामने आया है।
‘बाहर से फंडिंग’ के आरोप भी लगाए
ग्रामीणों ने CJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि संगठन को बाहर से फंडिंग मिलती है और वे इसे गांव में स्वीकार नहीं करेंगे। एक ग्रामीण ने संगठन को लेकर आपत्तिजनक और देश विरोधी होने जैसे आरोप भी लगाए। दूसरी तरफ CJP ने पहले ग्रामीणों पर हमला करने और विरोध को सुनियोजित बताए जाने का दावा किया था। ऐसे में इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोप एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। फिलहाल घटना को लेकर सामने आए वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और आधिकारिक जांच से ही यह साफ हो पाएगा कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और गाड़ियों को नुकसान किसने पहुंचाया।
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