अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव पद को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। ट्रस्ट ने अब गोविंद देव गिरी को नया महासचिव नियुक्त किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी कृष्णा मोहन के पास थी। गोविंद देव गिरी अभी तक ट्रस्ट में कोषाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे थे। उनकी नई नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के कामकाज और जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कृष्णा मोहन के बाद गोविंद देव गिरी को मिली जिम्मेदारी
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में महासचिव पद पर गोविंद देव गिरी की नियुक्ति का फैसला लिया गया। कृष्णा मोहन ने इस पद को छोड़ दिया है। उन्होंने बताया था कि 6 जुलाई से वह अंतरिम महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब ट्रस्ट ने इस पद के लिए स्थायी तौर पर गोविंद देव गिरी के नाम पर मुहर लगा दी है। गोविंद देव गिरी ट्रस्ट के शुरुआती दौर से ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में रहे हैं और अब महासचिव के तौर पर उन्हें ट्रस्ट के कामकाज में बड़ी भूमिका निभानी होगी।
आलोक कुमार ने दी शुभकामनाएं, बताया महत्वपूर्ण फैसला
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई, जिसमें गोविंद देव गिरी को महामंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया। आलोक कुमार ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव और नेतृत्व ट्रस्ट के लिए उपयोगी साबित होगा। गोविंद देव गिरी धार्मिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं और ट्रस्ट से जुड़े कई अहम कार्यों में उनकी भूमिका रही है।
चंपत राय को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
गोविंद देव गिरी की नियुक्ति के बाद चंपत राय को लेकर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चंपत राय को महासचिव पद से हटाए जाने की बात नहीं कही गई है। इसलिए उनकी भूमिका को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। फिलहाल स्पष्ट तथ्य यही है कि ट्रस्ट के महासचिव पद की जिम्मेदारी अब गोविंद देव गिरी संभालेंगे। आने वाले समय में ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और अयोध्या से जुड़े प्रमुख कार्यों में उनकी नई भूमिका किस तरह दिखाई देती है, इस पर नजर रहेगी।
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