उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्यों की विधान परिषद की 28 सीटों पर हो रहे चुनावों के नतीजे अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों और परिणामों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार में सत्ताधारी दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जहां हर एक सीट के परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस चुनाव को आगामी बड़े राजनीतिक बदलावों का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है।
मेरठ स्नातक सीट पर बीजेपी का धमाकेदार परचम
उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल मेरठ स्नातक सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की है। यहां से बीजेपी प्रत्याशी दिनेश गोयल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए 12,688 मतों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कुल सात चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद उनकी जीत लगभग तय हो गई थी, जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। पार्टी कार्यालयों पर ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
शिक्षक और स्नातक सीटों पर भी बीजेपी की मजबूत पकड़
मेरठ के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विधान परिषद की सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों की स्थिति काफी मजबूत नजर आ रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिक्षक और स्नातक दोनों ही कोटे की सीटों पर बीजेपी समर्थित प्रत्याशियों की जीत के प्रबल आसार बने हुए हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा मतगणना स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र और बिहार में महायुति का बड़ा दांव
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के राजनीतिक अखाड़े में महायुति गठबंधन ने अपनी रणनीति से सभी को चौंका दिया है। विधान परिषद की इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। बिहार विधान परिषद चुनावों में भी कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जहां क्षेत्रीय दल और राष्ट्रीय दल आमने-सामने हैं। जैसे-जैसे मतगणना के अंतिम चरण पूरे होंगे, यह साफ हो जाएगा कि किस दल ने इन चुनावों में बाजी मारी है और किसे झटका लगा है।
