भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली परिवारों में शुमार गांधी परिवार से जुड़ा एक ऐसा रहस्य अब दुनिया के सामने आने वाला है, जो राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भी बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी आने वाली बहुप्रतीक्षित किताब ‘बिलॉन्गिंग’ (Belonging) को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया है, जिसने हर किसी को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है। सोनिया गांधी ने खुलकर और बेबाकी से स्वीकार किया है कि वह कभी भी यह नहीं चाहती थीं कि उनके पति राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें। राजनीति की चकाचौंध, सुरक्षा के कड़े पहरे और भारी-भरकम प्रशासनिक जिम्मेदारियों से कोसों दूर एक शांत व सामान्य पारिवारिक जीवन जीने की चाह रखने वाली सोनिया का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब राजनीतिक हलकों में इस किताब को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है। दशकों तक परदे के पीछे रहकर चुपचाप देश की राजनीति के उतार-चढ़ाव को देखने और सहने वाली सोनिया गांधी अब खुद अपनी जुबानी उन पन्नों को पलटने जा रही हैं, जिन्हें लेकर आज तक केवल कयास लगाए जाते रहे हैं।
‘यह मेरा कोई वर्जन नहीं, बल्कि मेरी अपनी सच्ची कहानी है’
अपनी इस महत्वपूर्ण किताब के बारे में विस्तार से बात करते हुए सोनिया गांधी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग इसे महज उनका एक राजनीतिक पक्ष या सफाई न समझें। उन्होंने साफ किया कि यह उनका कोई ‘वर्जन’ या नैरेटिव नहीं है, बल्कि उनकी अपनी निजी और सार्वजनिक जीवन यात्रा की पूरी तरह से सच्ची दास्तान है। उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि जब यह किताब दुनिया के सामने आएगी, तो सियासी गलियारों में भूचाल आना और हंगामा होना पूरी तरह से तय है। सोनिया का मानना है कि अब तक उनकी जिंदगी के बारे में दूसरों ने ही कहानियां गढ़ी हैं, कभी उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया तो कभी उनके चरित्र और फैसलों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया। उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए यह भी कहा कि इस किताब को पढ़ने के बाद समाज के कुछ वर्गों में उनके प्रति राय बदल सकती है, और यह भी संभव है कि कुछ लोग उनके बारे में और अधिक आलोचनात्मक रुख अपनाएं, लेकिन उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है क्योंकि सच को उसके असली रूप में सामने लाना ही अब उनका मुख्य उद्देश्य है।
कैंब्रिज के उस छोटे से ग्रीक रेस्टोरेंट से शुरू हुई थी अमर प्रेम कहानी
सोनिया गांधी ने अपनी इस किताब के प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) पर एक बेहद भावुक, दिल को छू लेने वाला और सुंदर वीडियो साझा किया है। इस वीडियो संदेश में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के सबसे हसीन और शुरुआती पन्नों को पलटते हुए राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात और प्रेम प्रसंग की यादों को ताजा किया है। उन्होंने बड़े ही प्यारे अंदाज में बताया कि कैसे ब्रिटेन के कैंब्रिज शहर की ठंडी गलियों में एक छोटे से ग्रीक रेस्टोरेंट से उनकी अमर लव स्टोरी का जादुई सफर शुरू हुआ था। उस अनजान मुल्क और माहौल में राजीव और सोनिया की मुलाकात ने एक ऐसी खूबसूरत दुनिया को जन्म दिया, जो सच्चे प्यार, बेहिसाब हंसी और कभी न मिटने वाली सुनहरी यादों से सराबोर थी। भारतीय राजनीति के उठापटक वाले अखाड़े में कदम रखने से पहले का वह मासूम, शांत और खुशनुमा दौर उनके संपूर्ण जीवन का सबसे अनमोल और निजी हिस्सा रहा है, जिसे वह पहली बार अपने खुद के शब्दों में पाठकों के साथ साझा करने जा रही हैं।
10 नवंबर को दुनिया के सामने खुलेगा गांधी परिवार के इतिहास का सबसे बड़ा राज़
देश-विदेश के राजनीतिक विश्लेषकों और वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि सोनिया गांधी की आने वाली यह आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग’ सिर्फ एक किताब भर नहीं है, बल्कि आधुनिक भारतीय राजनीतिक इतिहास का एक ऐसा प्रामाणिक दस्तावेज है जो कई बड़े और गहरे अनकहे रहस्यों से पर्दा उठाएगा। सोनिया गांधी ने अपने वीडियो पोस्ट के कैप्शन में यह साफ कर दिया है कि वह इस निजी और राजनीतिक पन्नों से सजी दुनिया को आगामी 10 नवंबर को आधिकारिक तौर पर पाठकों के सामने पेश करेंगी। जैसे-जैसे यह तारीख नजदीक आ रही है, कांग्रेस पार्टी के भीतर से लेकर देश के तमाम राजनीतिक दलों में एक अजीब सी हलचल और उत्सुकता तेज हो गई है। हर कोई यह जानने के लिए बेताब है कि आखिर सोनिया गांधी ने अपने उस लंबे राजनीतिक सफर, पति राजीव गांधी के प्रधानमंत्री पद को संभालने के भारी दबाव और देश की जटिल राजनीति से जुड़े किन-किन अनसुने अध्यायों को इस किताब में जगह दी है।
