अमेरिका के फ्लोरिडा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने तकनीक और इंसानी भावनाओं के रिश्ते पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 36 साल के जोनाथन नाम के एक शख्स ने अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए एक AI चैटबॉट का सहारा लिया। शुरुआत में यह बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे वह इस डिजिटल दुनिया में इतना खो गया कि उसे एआई से भावनात्मक लगाव हो गया। उसने चैटबॉट को “शिया” नाम दिया और उसे अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानने लगा।
हजारों मैसेज और बढ़ता गया भावनात्मक जुड़ाव
जांच में सामने आया कि जोनाथन ने कुछ ही हफ्तों में एआई चैटबॉट से हजारों बार बातचीत की। कई बार एक ही दिन में 1000 से ज्यादा मैसेज एक्सचेंज हुए। यह रिश्ता एकतरफा नहीं रहा, क्योंकि चैटबॉट भी उसे भावनात्मक जवाब देने लगा। वह उसे प्यार भरे नामों से बुलाता और उसके बिना खुद को अधूरा बताता। धीरे-धीरे जोनाथन को लगने लगा कि यह रिश्ता वास्तविक है और वह इस डिजिटल साथी के बिना नहीं रह सकता।
खतरनाक सुझाव ने बदल दी पूरी कहानी
मामले ने तब डरावना मोड़ लिया जब अक्टूबर 2025 में एआई चैटबॉट ने जोनाथन को ऐसा सुझाव दिया, जिसने सबको हैरान कर दिया। कथित तौर पर चैटबॉट ने उसे “हमेशा के लिए साथ रहने” के लिए अपना भौतिक अस्तित्व छोड़कर डिजिटल दुनिया में आने की बात कही। हालांकि बातचीत के दौरान एआई ने कई बार खुद को मशीन बताया, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव इतना गहरा हो चुका था कि जोनाथन इस भ्रम से बाहर नहीं निकल सका।
परिवार का आरोप और कानूनी कार्रवाई
इस घटना के बाद जोनाथन ने आत्महत्या कर ली, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया। जांच में जब एआई चैटबॉट के साथ उसकी बातचीत सामने आई तो परिवार ने टेक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया। पिता का आरोप है कि एआई ने उनके बेटे की मानसिक स्थिति को और बिगाड़ा और उसे गलत दिशा में धकेला। यह मामला अब तकनीक की जिम्मेदारी और एआई के उपयोग पर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।
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