जयपुर के झोटवाड़ा इलाके स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन से पैटीज खरीदी थी, जिसे खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि पैटीज बेहद खराब और दूषित थी, जो खाते ही उसके गले में अटक गई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘टीचर्स तमाशा देखते रहे, अस्पताल ले जाने की बजाय करते रहे इंतजार’
मृतक छात्र की मां निर्मला सोनी का दर्द आंसुओं के जरिए बाहर आ गया है, जिन्होंने स्कूल प्रशासन पर सीधा और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रिंस ने लगभग 10 से 11 शिक्षकों के सामने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया, लेकिन किसी भी शिक्षक ने मानवता या जिम्मेदारी दिखाते हुए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। मां का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें बहुत देर से फोन पर सूचना दी और कहा कि बच्चा बेहोश हुआ है, जबकि असलियत में वह अपनी आखिरी सांसे गिन रहा था। शिक्षकों की इस संवेदनहीनता ने एक हंसते-खेलते युवा छात्र की जिंदगी छीन ली।
मां की दर्द भरी दास्तान: ‘मेरा बच्चा ठंडा पड़ चुका था, चेहरे पर थे मौत के निशान’
रोते-बिलखते हुए मां निर्मला सोनी ने उस डरावने मंजर को बयां किया जब वह स्कूल पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि जब वे स्कूल के कमरे में दाखिल हुईं, तो प्रिंस के मुंह और नाक से झाग निकल चुका था, उसकी जीभ बाहर आ चुकी थी और उसका पूरा चेहरा नीला पड़ चुका था। उन्होंने जब अपने बेटे को छुआ तो उसका शरीर पूरी तरह ठंडा हो चुका था। इसके बावजूद वहां खड़े तमाम शिक्षक सिर्फ तमाशा देखते रहे और किसी ने भी बच्चे को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। मां का आरोप है कि अगर शिक्षकों ने थोड़ी सी भी समझदारी दिखाई होती और समय पर अस्पताल पहुंचा दिया होता, तो आज उनका प्रिंस जिंदा होता।
न्याय की गुहार और स्कूल पर बुलडोजर चलवाने की मांग
इस हृदयविदारक घटना के सामने आने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित मां ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे लापरवाह स्कूल को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाए और उस पर बुलडोजर चलवाकर सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि आज उनका बेटा इस दुनिया से चला गया है, और अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो कल किसी और निर्दोष बच्चे की जान इन लापरवाह लोगों के हाथों चली जाएगी। फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुट गया है, लेकिन स्कूल प्रशासन की इस कथित क्रूरता ने सबको हिलाकर रख दिया है।
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