फ्लाईदुबई की फ्लाइट में गंभीर घटना के दौरान घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) को लेकर भारत में लगातार चिंता बनी हुई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन माछर की पत्नी और उनके माता-पिता से फोन पर बातचीत की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने परिवार से स्मित माछर (Smit Machchhar) की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनकी बहादुरी की सराहना की। पीएम मोदी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि विदेश में मौजूद भारतीय मिशन कैप्टन माछर और उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटे हैं। कैप्टन माछर इस समय सऊदी अरब में इलाज करा रहे हैं। फ्लाइट में हुई घटना के बाद से ही उनकी बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी हो रही है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भी किया साहस को सलाम
कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) की बहादुरी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश को भारतीय पायलट पर गर्व है। राष्ट्रपति के मुताबिक, गंभीर खतरे के बीच घायल होने के बावजूद माछर ने जिस तरह धैर्य और सूझबूझ का परिचय दिया, वह लोगों के लिए प्रेरणादायक है। घटना के दौरान माछर के घायल होने के बावजूद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू को स्थिति संभालने का मौका मिला। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी भारतीय पायलट की भूमिका की तारीफ कर चुके हैं। नेतन्याहू ने कहा था कि गंभीर चोट के बावजूद माछर ने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई।
34 हजार फीट पर हुआ हमला, विमान तेजी से नीचे आया
दरअसल, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट के अंदर गंभीर घटना हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, भारतीय कैप्टन स्मित माछर (Smit Machchhar) पर उनके को-पायलट ने चाकू से हमला किया। उस समय विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आया और कुछ ही समय में इसकी ऊंचाई करीब 17 हजार फीट तक पहुंच गई। हमले में कैप्टन माछर घायल हो गए, लेकिन उन्होंने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद विमान में मौजूद लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में करीब 180 लोग सवार थे।
जांच तक इजरायल की उड़ानें रोकने का फैसला
घटना के बाद फ्लाईदुबई ने इजरायल आने-जाने वाली अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। एयरलाइन के मुताबिक, 30 सितंबर की फ्लाइट से जुड़ी घटना की जांच पूरी होने तक यह निलंबन जारी रहेगा। कंपनी ने कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और उड़ानों को रोकने का फैसला संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए जरूरी समय देने के उद्देश्य से लिया गया है। एयरलाइन ने यात्रा प्रभावित होने वाले यात्रियों से खेद जताया है और जहां संभव हो, वैकल्पिक व्यवस्था तथा सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। इस बीच कैप्टन माछर के स्वास्थ्य और जांच से जुड़ी आगे की जानकारी पर भी नजर बनी हुई है। घटना की पूरी परिस्थितियों और हमले के कारणों को लेकर जांच जारी है।
