ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद सोमवार को पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आ गए। जेल से बाहर आते ही उन्होंने अपने भाई प्रिंस आनंद की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। मीडिया से बातचीत में रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। रौशन आनंद ने कहा कि जब तक वह जेल से बाहर थे, तब तक उनके भाई के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके जेल जाने के बाद ही ऐसी घटना क्यों हुई। हालांकि, उन्होंने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
खान सर समेत दो लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान रौशन आनंद ने खान सर और एक कारोबारी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर उनके भाई की हत्या करवाई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। रौशन आनंद ने हाल के दिनों में हुए कोचिंग विवाद का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस मामले को जरूरत से ज्यादा बढ़ाया गया। उन्होंने कुछ पुराने घटनाक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कई तथ्यों की जांच अभी बाकी है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रिंस आनंद की मौत की गुत्थी अब भी बरकरार
रौशन आनंद के भाई प्रिंस आनंद की मौत नेपाल के विराटनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल गए थे। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, जबकि सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज, जांच पर टिकी सबकी नजर
प्रिंस आनंद की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कई नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बिहार सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं।
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