बिहार की राजनीति इन दिनों बेहद गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सामने आने पर विपक्ष ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया है। खासकर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए बीजेपी के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राजनीतिक साजिश के तहत सत्ता परिवर्तन कराया और अब ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है, जिस पर कई तरह के विवाद जुड़े हुए हैं। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी और तेज हो गई है।
‘बीजेपी में नेतृत्व की भारी कमी’—रोहिणी का आरोप
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में बीजेपी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पार्टी को बिहार में अपने दम पर सरकार बनाने का मौका नहीं मिला और न ही वह अब तक कोई मजबूत मुख्यमंत्री चेहरा तैयार कर पाई है। उनके मुताबिक, बीजेपी का संगठन राज्य में “राजनीतिक सूखे” से गुजर रहा है, जहां वर्षों की मेहनत के बाद भी एक सर्वमान्य नेता तैयार नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को मजबूरी में ऐसे चेहरे पर भरोसा करना पड़ रहा है जो न तो संगठन की परंपरा से जुड़ा है और न ही राज्य की राजनीति में व्यापक स्वीकार्यता रखता है।
सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत हमले
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में सम्राट चौधरी पर व्यक्तिगत स्तर पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने जा रही है, जिसने पहले बड़े-बड़े राजनीतिक दावे किए लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाया। उन्होंने ‘फर्जी डिग्री’ और ‘जन्म प्रमाणपत्र’ जैसे आरोप भी लगाए, जिससे राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी ऐसे नेता को आगे कर रही है जिसके परिवार और बयान पहले से विवादों में रहे हैं। इन आरोपों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इन हमलों का क्या जवाब देती है।
बिहार की सियासत में बढ़ा टकराव, आगे क्या?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन इसके साथ ही राजनीतिक टकराव भी चरम पर पहुंच गया है। एक ओर बीजेपी नए नेतृत्व के साथ सरकार बनाने की तैयारी में है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए लगातार हमलावर है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि क्या सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलती है या कोई नया समीकरण सामने आता है। फिलहाल, रोहिणी आचार्य के बयान ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है और जनता की नजरें अब अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
Read more-सिर घोंटा फिर पति कंधे पर बैठकर पूरे गांव में घुमाया… महिला के साथ जो हुआ, देख लोग रह गए सन्न!
