Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन सोमवार, 10 अगस्त को और तेज हो गया। अपनी मांगों को लेकर पिछले 16 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्र अब विधानसभा मार्च के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्रों का बड़ा समूह नई विधानसभा की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग पार कर ली है। विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और धारा 163 लागू है। प्रशासन ने शहर में कई जगहों पर बैरिकेडिंग की है, जबकि छात्रों का आरोप है कि उन्हें रांची पहुंचने से पहले ही रोका जा रहा है।
पहली बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े छात्र
छात्रों ने सोमवार सुबह विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू किया। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए झारखंड के अलग-अलग जिलों से छात्र रांची पहुंचे हैं। कई छात्र ट्रेन, बस और निजी वाहनों से राजधानी पहुंचे। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील जगहों पर पुलिस बल तैनात किया है। जिला सीमाओं और प्रमुख रास्तों पर बसों और दूसरे वाहनों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि छात्रों को रोका नहीं जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई जगहों पर छात्रों को हिरासत में लिया गया और रांची आने से रोकने की कोशिश की गई। मार्च के दौरान कुछ छात्र सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
11 बजे के बाद विधानसभा की ओर कूच का था प्लान
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पहले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को आंदोलन का केंद्र बनाया था। स्टेडियम से नई विधानसभा की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। छात्रों की भीड़ को एक जगह इकट्ठा करने के लिए जगन्नाथपुर थाना के पास मैदान तय किया गया था। योजना के मुताबिक छात्र सुबह करीब 11 बजे तक यहां जुटने वाले थे और इसके बाद विधानसभा की तरफ मार्च करना था। विधानसभा से करीब 2 किलोमीटर पहले छात्रों का बड़ा जमावड़ा होना था। हालांकि, मार्च शुरू होने के बाद छात्रों के आगे बढ़ने और पहली बैरिकेडिंग पार करने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है। प्रशासन की ओर से रास्तों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
16 दिन से जारी है आंदोलन
रांची में छात्रों का यह प्रदर्शन पिछले 16 दिनों से जारी है और सोमवार को आंदोलन का 17वां दिन है। छात्रों की मुख्य शिकायत परीक्षा व्यवस्था और कथित गड़बड़ियों को लेकर है। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए और उनकी समस्याओं का जवाब देना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से नहीं कराई जा रही हैं। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन सभी मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी है। छात्रों ने विधानसभा घेराव को अपनी मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने का बड़ा कदम बताया है।
JPSC मामले में ED की जांच से जुड़े कई सवाल
छात्रों की मांगों में JPSC से जुड़ी कथित धांधली की जांच भी प्रमुख मुद्दा है। अगर मामले में आर्थिक अनियमितता की जांच होती है तो एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बदले पैसों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। जांच में PT, Mains या सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए जाने के आरोपों की पड़ताल हो सकती है। संदिग्ध बैंक खाते, UPI ट्रांजैक्शन और कथित बिचौलियों से जुड़े लेन-देन की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा पेपर लीक, OMR या एडमिट कार्ड में कथित हेरफेर और परीक्षा कराने वाली एजेंसी से जुड़े भुगतान की भी जांच का एंगल सामने आ सकता है। अगर अवैध तरीके से पैसा कमाने की पुष्टि होती है तो यह भी देखा जा सकता है कि रकम कहां गई और उससे कोई संपत्ति बनाई गई या नहीं। फिलहाल रांची में छात्रों का मार्च जारी है और प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर बनी हुई है।
