Swatantra Bhardwaj Case: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। 23 जून को हुई घटना के बाद दर्ज केस में पहले सामान्य धाराओं में कार्रवाई हुई, लेकिन सितंबर में एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) कथित तौर पर हमले की बात करते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बुलंदशहर से हिरासत में लिया। इसी बीच पुराने केस में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं और एक नाबालिग को कथित ऑनलाइन धमकी देने के आरोप में POCSO के तहत अलग FIR भी दर्ज हुई।
23 जून को जंतर-मंतर पर शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई थी। बताया गया कि संजय कुमार अपनी नाबालिग बेटी के साथ प्रदर्शन में मौजूद थे। इसी दौरान प्रदर्शन की वीडियो बनाने को लेकर कुछ युवकों से उनका विवाद हो गया। शिकायत के अनुसार, बहस बढ़ने पर संजय कुमार के साथ मारपीट की गई और उनके सिर पर हमला किया गया। घटना के बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) और सूरज कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। संसद मार्ग थाने में FIR नंबर 62/2026 दर्ज हुई थी। शुरुआती तौर पर पुलिस ने BNS की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। मेडिकल जांच में सिर पर चोट के निशान भी दर्ज किए गए थे।
वायरल वीडियो ने फिर गर्माया मामला
घटना के कई सप्ताह बाद सितंबर की शुरुआत में स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) के एक पॉडकास्ट की क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इस वीडियो में वह कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने की बात करते दिखाई दिए। उन्होंने हमले में कड़े के इस्तेमाल का भी दावा किया और यह कहा कि उनके राजनीतिक संपर्कों की वजह से वह जेल जाने से बच गए। वीडियो में कुछ राजनीतिक नेताओं के नाम लिए जाने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। पीड़ित की नाबालिग बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद CJP से जुड़े लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के बाद पुराने केस में जुड़ीं नई धाराएं
4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP से जुड़े लोगों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वायरल वीडियो में हमले से जुड़ी बातें सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने पुराने मारपीट के मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ने की जानकारी दी। पुलिस ने राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, शुरुआती मेडिकल जांच में पीड़ित को गंभीर चोट या खोपड़ी में फ्रैक्चर की बात सामने नहीं आई थी। हालांकि, SC/ST एक्ट की धाराएं जुड़ने के बाद केस की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण रूप से बदल गई।
बुलंदशहर से हिरासत और POCSO की नई FIR
प्रदर्शन और बढ़ते विवाद के बीच दिल्ली पुलिस की टीम ने 4 सितंबर की शाम स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj)को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया। इसके अलावा संजय कुमार की नाबालिग बेटी की ओर से कथित ऑनलाइन धमकियों को लेकर शिकायत भी दी गई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर अलग FIR दर्ज की, जिसमें क्रिमिनल इंटिमिडेशन के साथ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। अब इस पूरे मामले में पुलिस के सामने वायरल वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट, पुराने मारपीट केस और नई FIR से जुड़े तथ्यों की जांच की चुनौती है। फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) पुलिस की हिरासत में हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के आधार पर तय होगी।
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