थाईलैंड के कारोबारी सिरिपोंग अक्काराश्रीयुक ने अपनी जिंदगी को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है। करोड़ों रुपये का कारोबार खड़ा करने वाले सिरिपोंग अब अपनी आइसक्रीम कंपनी हॉवेल्स को बेचकर बिजनेस की दुनिया से दूरी बनाने जा रहे हैं। बताया गया है कि वह करीब 165 मिलियन बाट यानी 60 लाख डॉलर से ज्यादा की कीमत में कंपनी बेचने की तैयारी में हैं। कारोबार से अलग होने के बाद उनका इरादा जंगल में रहकर ध्यान और साधना करने का है।
1999 में शुरू किया था आइसक्रीम का कारोबार
सिरिपोंग अक्काराश्रीयुक ने वर्ष 1999 में हॉवेल्स नाम से आइसक्रीम बिजनेस शुरू किया था। एक समय यह ब्रांड थाईलैंड में काफी लोकप्रिय था और इसके कई स्टोर चल रहे थे। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में कंपनी के आउटलेट लगातार कम होते गए। अब हॉवेल्स का केवल एक स्वतंत्र स्टोर बचा है। कंपनी को बेचने की प्रस्तावित डील में सिर्फ ब्रांड का नाम ही शामिल नहीं है, बल्कि जमीन, ऑफिस, फैक्ट्री, आउटलेट, ट्रेडमार्क, विशेषज्ञ टीम और आइसक्रीम बनाने की रेसिपी जैसी संपत्तियां भी शामिल बताई गई हैं।
बिजनेस बेचने की एक वजह कारोबार का विस्तार भी
सिरिपोंग अक्काराश्रीयुक ने सोशल मीडिया पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी बेचने की वजह सिर्फ आध्यात्मिक जीवन अपनाना नहीं है। हॉवेल्स के विस्तार में आ रही मुश्किलें भी इसका एक कारण हैं। उनके मुताबिक, पिछले दो वर्षों में शॉपिंग मॉल में नए स्टोर खोलने की कोशिश की गई, लेकिन कंपनी को उपयुक्त जगह नहीं मिल पाई। उनका कहना है कि कई पुराने किरायेदारों के जाने के बाद भी कुछ जगह खाली रही, लेकिन हॉवेल्स को वहां विस्तार का अवसर नहीं मिला। इससे कंपनी के आउटलेट बढ़ाने की योजना प्रभावित हुई।
15 साल पहले से कर रहे थे अगले जीवन की तैयारी
सिरिपोंग अक्काराश्रीयुक का संन्यास लेने का फैसला अचानक लिया गया कदम नहीं है। उन्होंने बताया कि वह करीब 15 साल पहले से ही अपनी जिंदगी के अगले चरण की तैयारी कर रहे थे। अब उन्होंने कारोबार से अलग होकर आध्यात्मिक रास्ते पर आगे बढ़ने का मन बना लिया है। करोड़ों रुपये की कंपनी खड़ी करने के बाद उसे बेचकर जंगल में साधना करने का उनका फैसला यह दिखाता है कि उनके लिए जिंदगी का अगला पड़ाव कारोबारी सफलता से ज्यादा आध्यात्मिक जीवन से जुड़ा है।
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