ओमान की खाड़ी में पिछले कुछ दिनों से भारतीय नाविकों वाले जहाज लगातार घटनाओं का सामना कर रहे हैं। इन घटनाओं ने भारत सरकार की चिंता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि समुद्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के कारण खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
तीन भारतीय नाविकों की गई जान
हाल ही में ओमान के तट के पास एक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। शुरुआत में ये तीनों लापता बताए गए थे, लेकिन बाद में उनके निधन की पुष्टि हुई। इस घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध जताया और हमले की निंदा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। भारत ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की है।
चार दिन में तीन जहाज प्रभावित
जानकारी के अनुसार, 8 जून को मैरिवेक्स नाम के जहाज में आग लगने की घटना हुई थी। उस जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय सुरक्षित बचा लिए गए थे। इसके बाद 10 जून को एमटी सेटेबेलो नाम के जहाज पर हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई और 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। वहीं 11 जून को एमटी जलवीर जहाज में भी आग लगने की खबर सामने आई। राहत की बात यह रही कि इस जहाज पर मौजूद सभी 20 भारतीय सुरक्षित हैं।
सरकार ने शांति की अपील की
भारत सरकार ने कहा है कि समुद्री मार्गों पर हो रहे ऐसे हमले चिंता का विषय हैं। सरकार का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है। भारतीय दूतावास और अन्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने की अपील की है। फिलहाल भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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