राजस्थान के अजमेर जिले के पीसांगन थाना क्षेत्र में एक किसान की मौत का मामला पुलिस जांच के बाद हत्या में बदल गया। शुरुआत में यह मामला सामान्य या संदिग्ध मौत के रूप में सामने आया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। पुलिस के अनुसार नाथूखेड़ा गांव निवासी 33 वर्षीय किसान मुकेश रावत गुरुवार सुबह अपने घर में अचेत अवस्था में मिले थे। परिजन उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पोस्टमार्टम और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका मजबूत होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी।
पारिवारिक विवाद और प्रेम संबंध बने जांच का अहम आधार
मामले की जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि मुकेश रावत और उनकी पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से घरेलू विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि महिला का एक अन्य व्यक्ति से कथित प्रेम संबंध था, जिसे लेकर घर में कई बार विवाद हो चुका था। परिजनों का यह भी कहना है कि कुछ दिन पहले मुकेश ने दोनों को एक साथ देख लिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। पुलिस ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान मिले बयानों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस को हत्या की आशंका और मजबूत लगी। इसके बाद संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ और साक्ष्यों के बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ के आधार पर किसान की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह संकेत मिले हैं कि किसान की हत्या गला दबाकर की गई और बाद में घटना को दूसरी तरह दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी सबूतों का भी विश्लेषण कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सटीक तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अदालत में आरोप पत्र पेश किया जाएगा। फिलहाल आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया, पुलिस कर रही हर पहलू की जांच
मुकेश रावत की शादी वर्ष 2010 में हुई थी और उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बच्चे हैं। इस घटना के बाद पूरे परिवार और गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वैज्ञानिक और कानूनी पहलुओं की जांच पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवाद से जुड़े अपराधों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे इस मामले की पूरी सच्चाई अदालत के सामने रखी जा सके।
