दिल्ली से सटे गाजियाबाद में मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गाजियाबाद कमिश्नरेट के नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक 7 साल की मासूम बच्ची के साथ न केवल सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया गया, बल्कि बेहद बेरहमी से उसकी जान भी ले ली गई। 11 जुलाई 2026 की रात को पुलिस को एक निर्माणाधीन मॉल के सुनसान बेसमेंट से बच्ची का शव बरामद हुआ था। शुरुआत में यह मामला सिर्फ एक लापता बच्ची की हत्या का लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ी, इस खूनी खेल की परतें खुलती चली गईं। पुलिस जांच में जो सच सामने आया है, उसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं क्योंकि इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का ही एक बहुत करीबी शख्स निकला, जिस पर परिवार आंख मूंदकर भरोसा करता था।
नशे की लत और भरोसे का कत्ल: खेलती हुई बच्ची को ऐसे ले गए दरिंदे
कार्यवाहक एसीपी प्रिया श्रीपाल के नेतृत्व में जब पुलिस टीम ने इस मामले की बारीकी से जांच शुरू की, तो सबसे पहले घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले गए। सीसीटीवी फुटेज में पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले जो सीधे मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन तक जा पहुंचे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए शहाबुद्दीन और उसके एक अन्य साथी को उनके कमरों से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में से एक बालिग है और दूसरा नाबालिग बताया जा रहा है। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद जब दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जो कबूलनामा किया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। आरोपियों ने बताया कि वे मृतका के परिवार को बहुत अच्छी तरह से जानते थे और अक्सर उनके घर आना-जाना था। घटना वाले दिन जब बच्ची घर के बाहर अकेली खेल रही थी, तभी शहाबुद्दीन और उसके साथियों की नजर उस पर पड़ी। जान-पहचान होने के कारण मासूम बच्ची ने उन पर रत्ती भर भी शक नहीं किया और उनके बहकावे में आकर आसानी से उनके साथ चल दी।
निर्माणाधीन मॉल का वो अंधकारमय बेसमेंट: जहां इंसानियत हुई शर्मसार
पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आरोपी एक जगह बैठकर लगातार शराब पी रहे थे। शराब के अत्यधिक नशे में चूर इन परिचितों के सिर पर इस कदर हैवानियत सवार हुई कि उन्होंने अपनी जान-पहचान और उस मासूम की उम्र का भी लिहाज नहीं किया। वे उस ७ वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर पास ही में स्थित एक निर्माणाधीन मॉल के अंधेरे और सुनसान बेसमेंट में ले गए। वहां सन्नाटे का फायदा उठाते हुए तीनों आरोपियों ने मिलकर मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वह तड़पती रही, रोती रही, लेकिन शराब के नशे में अंधे हो चुके दरिंदों का दिल नहीं पघला। इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने के बाद जब आरोपियों का नशा थोड़ा कम हुआ, तो उन्हें इस बात का डर सताने लगा कि बच्ची घर जाकर सब कुछ बता देगी और वे पकड़े जाएंगे। अपनी पहचान उजागर होने और लोक-लाज के डर से उन्होंने उसी वक्त बच्ची का गला घोंट दिया। जब बच्ची की सांसें थम गईं, तो वे उसके शव को वहीं बेसमेंट में छोड़कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस की मुस्तैदी से सलाखों के पीछे पहुंचे हत्यारे: तीसरे साथी की तलाश जारी
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। कार्यवाहक एसीपी प्रिया श्रीपाल ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी की मदद से मुख्य सूत्रधार शहाबुद्दीन समेत दो लोगों को चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके और दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर समाज में अपनों के बीच छुपे भेड़ियों के चेहरे को बेनकाब कर दिया है और माता-पिता को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहने का अलार्म बजा दिया है।
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